पडरौना। मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू वार्ड का विस्तार किया गया है। दस बेड और बढ़ाई गई है। इससे आने वाले नवजातों को इलाज में सहूलियत मिलेगी। अभी तक सिर्फ 25 बेड का ही एसएनसीयू था। इसके चलते एक वार्मर पर तीन से चार बच्चों को भर्ती करना पड़ता था। जगह के अभाव में नवजातों को इलाज के लिए लेकर आने वाले लोगों को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज या निजी अस्पतालों में लेकर जाना पड़ता था।
मेडिकल कॉलेज में 25 बेड का एसएनसीयू वार्ड था। जिले के अलावा पश्चिमी चंपारण से भी पैदा होने के बाद बीमार नवजातों को लेकर तीमारदार पहुंचते थे, एक रुपये की पर्ची पर मेडिकल कॉलेज में एसएनसीयू में भर्ती कर नवजातों का इलाज किया जाता है। अधिक मरीज होने के कारण एक वार्मर पर तीन से चार बच्चों को भर्ती करना पड़ता था। जगह न होने पर रेफर करने पर तीमारदार हंगामा भी करते थे। एसएनसीयू में दस बेड का विस्तार किया गया है। इससे आने वाले बीमार नवजातों को अब बेड की कमी के चलते रेफर नहीं करना पड़ेगा। कुशीनगर के अलावा मेडिकल कॉलेज में पश्चिमी चंपारण और निजी अस्पतालों में पैदा होने वाले नवजातों की तबीयत बिगड़ने पर परिजन लेकर इलाज के लिए पहुंचते हैं।