पडरौना/खडडा। पुलिस की नजर अधिकांश पशु और मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों पर है। लेकिन, पेट्रोल डीजल की तस्करी ने कई लोगों की आर्थिक स्थिति बदल दी है। कुशीनगर जिले का खड्डा और तमकुही तहसील क्षेत्र पश्चिम चंपारण के बगहा और गोपालगंज से जुड़ा है।
जहां इन दिनों बड़े पैमाने पर डीजल व पेट्रोल की तस्करी हो रही है। दाम में बड़ा अंतर होने के चलते इन ज्वलनशील पदार्थों को बिहार के व्यापारी नियम कानून ताक पर रखकर विभिन्न माध्यमों से बिहार में दाखिल होते हैं। इसे बिहार के वास्तविक मूल्य के हिसाब से बेचकर मुनाफा कमाते हैं। भोर में लोग दुकान खोलने से पहले बाइक, टेंपो समेत अन्य वाहनों से यूपी के सीमावर्ती इलाकों में आकर पेट्राेल-डीजल ले रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक प्रतिदिन एक लाख लीटर तेल तस्करी कर यूपी से बिहार के अलग-अलग इलाकों में पहुंच रही है।
कुशीनगर जिले के खड्डा तहसील के खडडा, हनुमानगंज, नेबुआ नौरंगिया एवं जिले के अन्य सीमावर्ती क्षेत्र तमकुही रोड, तमकुही राज, सलेमगढ़, बनकटा बाजार, समउर के पेट्रोल पंपों पर भोर होते ही बड़ी संख्या में ऐसी बाइक कतार में दिखती हैं। बाइकों पर डिकी के जगह बड़े-बड़े दो से ढाई सौ लीटर तेल की ढुलाई के लिए विशेषकर खरीदा गया गैलन लदा होता है। इसके अलावा सवारी लेकर टेंपो व अन्य साधन जो बिहार में दाखिल होते हैं, उनमें भी बड़े-बड़े गैलन में तेल भरकर बिहार के अलग-अलग इलाकों में भेजा जाता है।
विभिन्न चेकपोस्ट से निकलने के बावजूद न तो कोई यूपी के चेकपोस्ट पर इन्हें टोकता है और न बिहार पुलिस कोई पूछताछ करती है। मुख्य रूप से मदनपुर-पनियहवा, धनहा-रतवल, तमकुही-ठकरहां, समउर-पंचदेवरी, तमकुही रामकोला चट्टी वाया पंचदेवरी, बाघौचघाट-बनकटा वाया कटेया मार्ग सहित अन्य सड़कों का प्रयोग होता है। इन तेल को पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर, नौरंगिया, लौकरिया, सेमरा, धनहा, पिपरासी, भितहां, ठकराहां आदि जगहाें तो गोपालगंज के कुचायकोट, पंचदेवरी, कटेया आदि क्षेत्रों में बेचा जाता है। एक अनुमान के मुताबिक प्रतिदिन एक लाख लीटर तेल तस्करी कर यूपी से बिहार के अलग-अलग इलाकों में पहुंच रही है।