भाइयों के लिए चांदी की राखी खरीदारी करतीं महिलाएं।संवाद
पडरौना। रक्षाबंधन के लिए बाजार में चांदी की राखियां सज गईं हैं। अगर आप चांदी की राखी लेने का विचार कर रहे हैं तो प्रतिष्ठित और भरोसेमंद सराफा कारोबारी से ही इसकी खरीदारी करें। असली चांदी से बनीं राखियां हॉलमार्क से लैस हैं, जिनकी शुद्धता की गारंटी दी जा रही है। इनकी कीमत 900 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक है। यह राखियां दिल्ली से बनकर आ रही हैं।
चांदी के साथ ही बाजार में गिलट की राखियां भी आ रही हैं, जो हूबहू चांदी सी दिखती हैं। इनकी डिजाइन भी बेहद आकर्षक है। गिलट की राखियों की कोई गारंटी नहीं होती है। इनकी वापसी भी नहीं होती है। यह राखियां मथुरा से बनकर आ रही हैं। चांदी जैसी दिखने वाली गिलट एक मिश्रित धातु है। इसको जर्मन सिल्वर भी कहते हैं। इसे पीतल और तांबे पर चांदी की पॉलिश कर बनाया जाता है।
आभूषण व्यापारी संजीव कुमार ने बताया कि चांदी की तुलना में बहुत सस्ती होती है। इससे राखी, पायल बिछिया, चूड़ी, कड़े और आर्टिफिशियल ज्वेलरी बनती है। समय के साथ इसकी चमक फीकी पड़ने लगती है और अंदर की पीली या तांबे जैसी धातु दिखने लगती है। आभूषण व्यापारी उमंग खेतान ने बताया कि चांदी की हॉलमार्क वाली राखियां दिल्ली से बनकर आ रही हैं। यह 92.50 फीसदी तक शुद्ध होती हैं। इनकी कीमत 900 से 1500 और 2000 रुपये तक है। ग्राहकों को असली चांदी की राखी लेने के लिए हॉलमार्क को जरूर देखना चाहिए।