- 50 हजार से अधिक बेटियों तक कानून और उनके हक की जानकारी पहुंचाना पुलिस विभाग का है लक्ष्य
सिद्धार्थनगर। जिले की बेटियों को मजबूत बनाने और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग करने के लिए पुलिस विभाग ने एक विशेष मुहिम शुरू की है। इसमें बेटियाें को न सिर्फ कानून की जानकारी दी जाएगी, बल्कि उन्हें समाज के लिए रोड मॉडल बनी बेटियों के बारे में बताकर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। यह महिला सशक्तिकरण अभियान के तहत किया जाएगा। अब गांवों से लेकर कस्बों और स्कूलों तक बेटियों को कानून, साइबर सुरक्षा, अधिकार और आत्मरक्षा की जानकारी दी जाएगी। आने कुछ महीनों में 50 हजार से अधिक बेटियों तक इस जागरूकता अभियान को पहुंचाना पुलिस विभाग का लक्ष्य है, ताकि वे किसी भी स्थिति में खुद को सुरक्षित रख सकें और अपने हक के लिए आवाज उठा सकें। इस संबंध में एएसी प्रशांत कुमार प्रसाद ने बताया कि छात्राओं को जागरूक करने के लिए विद्यालयों और कोचिंग सेंटर में जाकर बेटियों जागरूक किया जा रहा है।
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बेटियों को सिखाया जाएगा सुरक्षा का पाठ
पुलिस टीम छात्राओं को गुड टच–बैड टच, साइबर ठगी से बचाव, सोशल मीडिया सुरक्षा, महिला हेल्पलाइन 1090–112–181 जैसी सेवाओं की उपयोगिता के बारे में बताएगी। साथ ही यह भी सिखाया जाएगा कि किसी घटना की शिकायत कैसे दर्ज करानी है और क्या-क्या अधिकार उनके पास हैं। जिससे वह भविष्य में इसका लाभ उठा सकें और जानकारी होने पर अपनी आवाज को मजबूती से रख सकें।
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रोल मॉडल महिलाओं की कहानियां बढ़ाएंगी हौसला
अभियान में सिर्फ कानून की ही जानकारी नहीं दी जाएगी, बल्कि समाज, प्रशासन, खेल और शिक्षा में बेहतर काम करने वाली स्थानीय व राष्ट्रीय महिलाओं की प्रेरक कहानियां भी साझा की जाएंगी। ताकि बेटियां समझ सकें कि सपनों को पूरा करने में परिस्थितियां नहीं, हिम्मत और जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। इसमें खेल, शिक्षा, प्रशासनिक, सेना सहित कई बड़े पदों पर पहुंचकर कामयाबी की मिसाल पेश करने वाली बेटियों के बारे में जानकारी दी जाएगी। जिससे बेटियों में कुछ कर गुजरने का उत्साह बढ़े।
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हर बेटी तक पहुंचेगी मुहिम
पुलिस विभाग ने स्कूलों, इंटर कॉलेजों, डिग्री कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों और ग्रामीण इलाकों के सामुदायिक केंद्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की रूपरेखा तैयार की है। अधिकारी मानते हैं कि बेटियों में जागरूकता ही समाज में बदलाव की सबसे मजबूत नींव है। क्योंकि, अभी भी जानकारी के अभाव में कई बार महिलाएं पीछे रह जा रही हैं। जब उन्हें हर क्षेत्र की जानकारी होगी तो वह आगे आएंगी, जिससे समाज मे बेटियों की भागीदारी मजबूत होगी।