पडरौना। घरेलू रसोई गैस सिलिंडर की किल्लत के बीच कामर्शियल सिलिंडर के लिए भी जिले में मारामारी मची है। हालत यह है कि डीएसओ के संस्तुति के बाद भी शहर के छोटे व्यापारियों को काॅमर्शियल सिलिंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इससे नाराज व्यापारियों ने डीएम से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
जिले में रसोई गैस की किल्लत कम होने का नाम नहीं ले रही है। 15 अप्रैल से सहालग शुरू होने के बाद रसोई गैस सिलिंडरों की किल्लत और बढ़ गई है। हालत यह है कि डीएसओ के संस्तुति के बाद भी एजेंसी संचालन मांगलिक कार्यक्रम आयोजित करने वाले लोगों और व्यापारियों को उनकी मांग के अनुसार कामर्शियल सिलिंडर उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। इसके लिए हर दिन गैसे गोदाम पर उपभोक्ताओं को परेशान होना पड़ रहा है।
भारतीय एकिकरण व्यापार मंडल नगर उपाध्यक्ष ने मनोज मोदनवाल ने बताया कि कामर्शियल सिलिंडर नहीं मिलने से छोटे व्यापारियों का कारोबार पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। एजेंसी संचालक डीएसओ संस्तुति कराकर जब सिलिंडर लेने गैस गोदाम पर छोटे व्यापारी पहुंच रहे हैं तो एजेंसी संचालक व्यापारियों से जीएसटी नंबर की मांग कर रहे हैं।
अब शहर के छोटे व्यापारी जैसे ठेला -खोमचे वाले व्यापारी जिनके वार्षिक कारोबार 20 लाख से कम हैं वे जीएसटी नंबर लिए ही नही हैं, तो वे एजेंसी संचालक को कैसे उपलब्ध कराएं।
उन्होंने बताया कि इसकी शिकायत संगठन की तरफ से डीएसओ और डीएम से की गई हैं। उन्होंने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिए हैं।
इस संबंध में डीएसओ कृष्ण गोपाल पांडेय ने बताया कि छोटे व्यापारी जिनके पास जीएसटी नंबर नहीं है वे टोरंटो में हुए पंजीकरण को दिखाकर काॅमर्शियल सिलिंडर ले सकते हैं। यदि वे जीएसटी नंबर मांग रहे हैं तो इसकी जांच कराई जाएगी।