कनौरा गांव में कथा सुनाते आचार्य विरेन्द्र तिवारी।संवाद
जौरा बाजार। क्षेत्र के कनौरा गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथावाचक ने शिव-पार्वती के विवाह की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि भगवान शिव और पार्वती का विवाह त्याग, तपस्या, श्रद्धा और अटूट विश्वास का प्रतीक है।
कथा वाचक आचार्य पंडित बीरेंद्र तिवारी ने कहा कि माता पार्वती ने कठोर तप कर भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव वैराग्य और सरलता के प्रतीक हैं, वहीं माता पार्वती शक्ति और श्रद्धा की मूर्ति हैं। दोनों का मिलन जीवन में संतुलन, प्रेम और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग दिखाता है। कथा का शुभारंभ मुख्य यजमान छट्ठू गिरी, कमला देवी, जटाशंकर गोस्वामी, राजन गोस्वामी, बाल्मीकि गोस्वामी ने व्यास पीठ का पूजन कर किया।
इस दौरान पंचानंद निषाद, रामलक्षन निषाद, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजेश यादव, पूर्व ग्राम प्रधान रमाशंकर गौड़, अरविंद मिश्र, शिव निषाद, बशिष्ठ गौड़, सुरेश यादव, दिनेश यादव, धर्मेंद्र यादव, सुनील यादव, शम्भू गौड़, मोतीलाल गौड़, धनेश यादव आदि मौजूद रहे।