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शहर का दायरा बढ़ा, मगर संसाधन नहीं

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कूड़ा उठाते पडरौना नगरपालिका परिषद के सफाई कर्मचारी। संवाद - फोटो : KUSHINAGAR
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शहर का दायरा बढ़ा, मगर संसाधन नहीं
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वार्डों के हिसाब से नहीं बढ़े हैं सफाई कर्मी
दो साल पहले पडरौना शहर का हुआ था विस्तार
कुशीनगर। 25 वार्डों वाली जनपद की सबसे पुरानी पडरौना नगर पालिका के सीमा विस्तार के बाद 18 और ग्राम पंचायतें तो इसमें शामिल कर ली गई हैं, लेकिन सफाईकर्मियों से लेकर संसाधन 25 वार्डों वाले ही हैं। लिहाजा सीमा विस्तार के दो साल बाद इन हिस्सों में समय से सफाई नहीं हो पा रही है।
पडरौना नगर पालिका की स्थापना वर्ष 1949 में हुई थी। वर्ष 1965 में इसकी सीमा का निर्धारण हुआ था। तब से बहुत सी नई कॉलोनी और मोहल्ले बसे। धीरे-धीरे शहर की आबादी बढ़ती गई और इसी के साथ घरों की संख्या भी बढ़ती गई। अब शहर की आबादी एक लाख के करीब है। वर्ष 2010 में पडरौना नगर पालिका परिषद की बैठक में सीमा विस्तार का प्रस्ताव पारित किया गया। तत्कालीन डीएम एसवीएस रंगाराव ने भी नगर सीमा से सटे 18 राजस्व गांवों जंगल विशुनपुरा, जंगल बकुलहा, भरवलिया, जंगल बेलवा, जंगल अमवा, नोनियापट्टी, सोहरौना, बंधू छपरा, अहिरौली बुजुर्ग, बेलवा मिश्र, बलुचहां, भिस्वा सरकारी, मोतीछपरा, दमवतिया, मिल्की, सेवकछपरा, परसौनी कला आदि को इसमें सम्मिलित करते हुए विस्तार के प्रस्ताव को सहमति दी थी। उसके बाद वर्ष 2014 में सात जुलाई को भाजपा के फाजिलनगर के तत्कालीन विधायक गंगा सिंह कुशवाहा ने विधानसभा में नियम 51 के तहत इस मामले को उठाया था। कई अन्य राजनीतिक दलों के लोगों के प्रयास के बाद दो साल पहले पडरौना नगरपालिका क्षेत्र का दायरा बढ़ा और 18 गांव शामिल हुए। इस वजह से उन गांवों में इस बार पंचायत चुनाव भी नहीं हुआ।
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पडरौना नगरपालिका क्षेत्र में ये गांव शामिल तो हो गए हैं, लेकिन शहरी क्षेत्र की सुविधाएं अब भी नहीं मिल पा रही हैं। सबसे बड़ी समस्या सफाई की है। क्योंकि पडरौना नगरपालिका में सफाई के जो संसाधन उपलब्ध हैं, वह 25 वार्डों भर के हैं। थोड़े बहुत सफाई कर्मचारी या अन्य संसाधन उपलब्ध हुए हैं, वे पर्याप्त नहीं हैं। सफाई के अभाव में मच्छर पनप रहे हैं।
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नगर पालिका के पास उपलब्ध संसाधन
नगर विस्तार से पहले पडरौना नगर पालिका के पास स्थायी और अस्थायी मिलाकर 200 सफाई कर्मचारी थे। नगर विस्तार के बाद 34 की वृद्धि हुई। अभी 50 और की नियुक्ति होनी बाकी है। नगरपालिका के पास पहले चार ट्रैक्टर ट्रॉली थीं। नगर विस्तार के बाद छह और बढ़ी हैं। पहले छह ट्रिपर (टेंपो) थे, अब बढ़कर 28 हो गए हैं। कूड़ा उठाने के लिए मौजूदा समय में एक जेसीबी और दो लोडर उपलब्ध हैं।
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आठ करोड़ से होगा 20 नालों का निर्माण
नगर पालिका प्रशासन की तरफ से शहर में जलनिकासी की उत्तम व्यवस्था के लिए आठ करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। मुख्यमंत्री त्वरित विकास योजना के तहत नगर पालिका क्षेत्र में कार्य कराने की अनुमति मांगी गई है। इससे शहर को बरसात में जलभराव से निजात दिलाने के लिए 20 बड़े नालों का निर्माण कराया जाएगा।
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कोट
पडरौना नगर पालिका क्षेत्र में सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए बरसात से पूर्व सभी बड़े नालों की सफाई कराई जा रही है। जलनिकासी व्यवस्था बेहतर करने के लिए मुख्यमंत्री त्वरित विकास योजना से आठ करोड़ रुपये की मांग की गई है। इससे 20 बड़े नालों का निर्माण कराया जाएगा। नगर विस्तार के बाद नगरपालिका में शामिल सभी 18 गांवों में सफाई कराने का प्रयास किया जा रहा है। अभी ज्यादातर संसाधन नगर विस्तार के पहले के हैं। हर मोहल्ले की सफाई के लिए सफाईकर्मियों और संसाधनों में थोड़ी वृद्धि की गई है।
विनय जायसवाल, चेयरमैन नगरपालिका परिषद, पडरौना
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