आंधी-बारिश में जर्जर तार-पोल बढ़ा रहे मुसीबत
पडरौना। शहर में लगे ज्यादातर तार-पोल जर्जर हालत में हैं। आंधी बारिश में तार-पोल गिरकर परेशानी बढ़ा दे रहे हैं। बरसात शुरू हो जाने पर समस्या और गहरा जाएगी। विद्युत निगम बरसात से पहले इस समस्या से निपटने की तैयारी करता नहीं दिख रहा है। फाल्ट होने पर शहर के उपभोक्ता विद्युत निगम के कर्मचारियों को फोन करते हैं तो फोन भी नहीं उठाया जाता है।
शहरवासियों के लिए बिजली की समस्या नासूर बन चुकी है। तेज हवा चलने से बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है। उपभोक्ताओं को चिंता है कि बरसात से पहले यह हाल है तो बरसात में क्या होगा, जब आंधी-बारिश में आए दिन तार टूटकर गिरेंगे। अधिकतर स्थानों पर जर्जर तारों के चलते फाल्ट हो जा रहे हैं। इसे ठीक कराने के लिए उपभोक्ता संबंधित लाइनमैन को फोन करते हैं तो वह फोन नहीं उठाते। जबकि मुख्यमंत्री का फरमान है कि जिले के अधिकारी सीयूजी नंबर पर फोन हर हाल में उठाएं।
कुबेरस्थान रोड के किनारे लगे तार-पोल इतने नीचे आ गए हैं कि वाहनों के संपर्क में आते-आते बचते हैं। कई खंभे तो जंग खाने की वजह से सड़कर तारों के सहारे लटके हुए हैं। उनमें स्पार्किंग होती रहती है। खंभों में करंट भी आता रहता है, लेकिन शिकायत करने के बावजूद एसडीओ से लगायत विद्युत निगम के अन्य अभियंता गंभीरता से नहीं लेते हैं। यहां टेलीफोन के जर्जर खंभे के सहारे बिजली आपूर्ति हो रही है। इसी तरह कसया रोड, रामकोला रोड, कोतवाली रोड, धर्मशाला रोड, मेन बाजार रोड, जटहां बाजार रोड पर भी तार जर्जर हालत में हैं और डंडे के सहारे बांधकर लटकाए गए हैं। तारों के मकड़जाल के चलते फाल्ट की समस्या बनी रहती है।
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बरसात में हालत और बिगड़ जाती है
शहर में विद्युत निगम की व्यवस्था बरसात में चरमरा जाती है। यह निगम भी जानता है। इसके बावजूद फाल्ट और तारों के टूटने की समस्या दूर करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि विद्युत निगम को बरसात में आने वाली समस्या के निदान के लिए जर्जर तारों का बदलकर केबिल का तार लगाना चाहिए।
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शहर में बिजली की समस्या नासूर बन गई है। विद्युत निगम में कोई भी कार्य हो, कार्यालय पर जाने पर कर्मचारी अपने कार्य के प्रति लापरवाही करते हैं।
मनोज केसरी
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शहर में अधिकतर स्थानों पर तार जर्जर हो चुके हैं। इस कारण आए दिन फाल्ट की समस्या बनी रहती है।
यशवंत कुमार
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हवा तेज होने पर बिजली की आपूर्ति नहीं हो पाती है। आंधी-बारिश आने पर कई घंटे बिजली नहीं आ पाती है।
अशोक कुमार
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लाइनमैन से लेकर अधीक्षण अभियंता तक फोन नहीं उठाते हैं। जब जिले के आला अधिकारी ही फोन नहीं उठाएंगे तो कर्मचारियों की शिकायत किससे की जाएगी।
अर्जुन गुप्ता
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कोट
शहर में जहां भी जर्जर तार हैं, उन्हें बदलवाने के लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। बरसात के समय फाल्ट होने पर त्वरित फाल्ट ठीक करने के निर्देश लाइनमैनों को दिए गए हैं। आंधी आने से बिजली बाधित न हो, इसके लिए तार के आसपास के पेड़ों की डालों की कटाई होती रहती है।
प्रवीण चौबे, एक्सईएन पडरौना