पडरौना। जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में बिजली उपभोक्ताओं को अघोषित कटौती, लो-वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या से स्थायी रूप से निजात दिलाने के लिए बिजली विभाग ने कमर कस ली है। बिजली के लगातार बढ़ते लोड और मांग को देखते हुए जिले में सात नए बिजली उपकेंद्र बनाने का फैसला लिया गया है। इस संबंध में विभाग की ओर से एक प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी और बजट के लिए शासन को भेज दिया गया है।
दरअसल, पिछले कुछ समय में जिले में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या और बिजली की खपत में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। इसके चलते जिले के 20 से अधिक बिजली उपकेंद्र वर्तमान में अपनी क्षमता से कहीं अधिक लोड पर चल रहे हैं। ओवरलोडिंग के कारण आए दिन सब-स्टेशनों के ट्रांसफार्मर जलने, केबल जलने और तकनीकी खराबी आने की शिकायतें मिल रही थीं, जिससे उपभोक्ताओं को घंटों बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा था।
इसके लिए उच्चाधिकारियों के निर्देश पर स्थानीय स्तर पर सर्वे कराया गया था। अधिशासी अभियंताओं ने ओवरलोड चल रहे सभी बिजली उपकेंद्रों और प्रभावित क्षेत्रों की एक विस्तृत ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की। इस रिपोर्ट में साफ किया गया कि जब तक नए उपकेंद्र नहीं बनते, तब तक निर्बाध आपूर्ति देना संभव नहीं होगा। इस रिपोर्ट के आधार पर अधीक्षण अभियंता ने तुरंत सात नए उपकेंद्रों की फाइल तैयार कर शासन को भेज दी है।