कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री को भेजा पत्र
- दो परियोजनाओं का बिना कार्य कराए ही मनरेगा से भुगतान का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
दुदही। क्षेत्र के गौरीश्रीराम गांव में दो परियोजनाओं पर बिना कार्य कराए ही 2,30,657 रुपये मनरेगा से भुगतान करा लिया गया है। इसका खुलासा तीन सदस्यीय टीम की जांच में हो चुका है। तत्कालीन बीडीओ ने सचिव, तकनीकी सहायक एवं रोजगार सेवक को दोषी पाए जाने पर इस धन को मनरेगा सेल में जमा करने का निर्देश दिया था। लेकिन अब तक धन जमा नहीं हुआ और न ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हुई। इससे नाराज ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर इसकी शिकायत की है।
बिना कार्य कराए इतनी बड़ी धनराशि का भुगतान कराने की शिकायत असफाक अहमद एवं मिथिलेश पटेल समेत कई ग्रामीणों ने अधिकारियों को ज्ञापन देकर किया था। उसके बाद तत्कालीन बीडीओ संदीप सिंह ने जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाई। जिसमें ब्लॉक के टीए जशवंत सिंह, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी अरविंद सिंह एवं सहायक विकास अधिकारी रामबेलास गौड़ को शामिल किया गया।
एक अप्रैल 2021 को तीन सदस्यीय टीम ने निरीक्षण किया और अपनी रिपोर्ट में बताया कि बिना कार्य कराए ही भुगतान करने का मामला सही है। इस पर तत्कालीन बीडीओ ने सचिव अशोक कुमार, तकनीकी सहायक राजेश मणि त्रिपाठी और रोजगार सेवक सुनील गुप्ता को नोटिस जारी किया था। बताया गया कि दो परियोजनाओं पर शासकीय धन का अपव्यय कर बंदरबांट किया गया है। जो शासकीय धन का गबन सिद्ध होता है। जिम्मेदार लोगों को निर्देशित किया गया कि 2,30,675 रुपये तत्काल दो दिन के अंदर मनरेगा शासकीय हेड में जमा कराकर रसीद उनके समक्ष प्रस्तुत करें तथा स्पष्ट करें कि किन परिस्थितियों में शासकीय धन का दुरुपयोग किया गया। हालांकि अब तक धनराशि जमा नहीं की गई। बीडीओ राजीव कुमार का कहना है कि मनरेगा से जुड़ी इन परियोजनाओं के अभिलेख मंगाकर जांच की जा रही है। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।