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Kushinagar News: रसोई गैस के लिए मारामारी...मेंहदावल में हंगामा

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मेंहदावल में गैस एजेंसी पर जुटी भीड़। संवाद
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संतकबीरनगर/मेंहदावल। रसोई गैस के लिए एजेंसियों पर भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है। आलम यह है कि लोग सुबह ही एजेंसियों पर पहुंचकर लाइन लगाकर खड़े हो जा रहे हैं। इसमें लोगों को सिलिंडर मिल रहा है, लेकिन कुछ लोगों को निराशा मिल रही है।
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रविवार को मेंहदावल में पहुंची भीड़ में कुछ लोगों ने हंगामा कर दिया। एजेंसी कर्मियों से भी बदसलूकी की कोशिश की गई। सूचना पर पहुंची पुलिस को देखकर हंगामा करने वाले भाग गए। दूसरी ओर बुकिंग नहीं होने से भी लोग परेशान रहे, क्योंकि बिना बुकिंग के उन्हें गैस नहीं मिलेगी। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में बुकिंग की अवधि 45 दिन किए जाने से दिक्कत बढ़ गई है।
मेंहदावल में रविवार को स्थानीय गैस एजेंसी पर खासी भीड़ देखी गई। प्रशासनिक चौकसी के बाद भी भीड़ कम नहीं हो रही है। कर्मचारियों का कहना है कि गैस वितरण में उपभोक्ताओं का सहयोग नहीं मिल रहा है। नगर स्थित शिवांशु गैस सर्विस पर रविवार को 1008 सिलिंडर पहुंचा। उपभोक्ताओं की भीड़ जयादा थी। इसमें कुछ लोग हंगामा करने लगे। एजेंसी कर्मचारियों से विवाद तथा दुर्व्यवहार की भी कोशिश करने लगे। इस बीच पुलिस के पहुंचने पर वह लोग फरार हो गए।
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एजेंसी के कर्मचारियों ने पुलिस से शिकायत भी दर्ज कराई। यह हालत रोजाना देखी जा रही है। बाद में सिलिंडर का वितरण पुलिस प्रशासन की देखरेख में हुआ। शिवांशु गैस सर्विस के मैनेजर रामकेश मिश्र ने कहा कि लोग अफवाह का हिस्सा बन रहे हैं, इसीलिए परेशानी हो रही है।
ऑनलाइन बुकिंग तथा ओटीपी के आधार पर गैस सिलिंडर का वितरण शुरू से ही होता है, वर्तमान समय में भी इसी प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है। अफवाह के कारण भीड़ बढ़ रही है जबकि प्रतिदिन सिलिंडर आ रहे हैं और सुचारु रूप से वितरण किया जा रहा है। गैस उपभोक्ता एजेंसी तथा प्रशासन का सहयोग करें सभी को समय से सिलिंडर उपलब्ध होगा। इसके अलावा हरिहरपुर, धनघटा, हैंसर क्षेत्र में भी लोग सिलिंडर के लिए पहुंचे, हालांकि मेंहदावल की अपेक्षा भीड़ कम रही।
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45 दिन बाद बुकिंग के नियम से बढ़ी परेशानी
ग्रामीण क्षेत्र के लिए 45 दिन में सिलिंडर मिलने का नियम लागू होने से उपभोक्ताओं में रोष है। छपिया अंगद, निवासी मुगन यादव, अजय तिवारी शंकर यादव, बृजलाल तथा बिलौली गांव निवासी जगदंबा तिवारी, बैजनाथ यादव रामकरण आदि गैस उपभोक्ताओं का कहना है कि एक सिलिंडर 20 से 25 दिन चलता है, जिनके परिवार में संख्या अधिक है उनके सिलिंडर 15 से 20 दिन में ही समाप्त हो जाते हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र के गैस उपभोक्ताओं को सिलिंडर 45 दिन बाद मिलने का जो नियम बनाया गया है, वह पूरी तरह से गलत है। इस नियम पर शासन तथा प्रशासन को विचार करना चाहिए। गैस उपभोक्ताओं का शोषण बंद होना चाहिए और समय से उन्हें गैस सिलिंडर उपलब्ध हो, इसकी व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए। धनघटा संवाद के अनुसार गैस के बुकिंग समय अवधि 45 दिन कर दिए जाने से उपभोक्ताओं के सामने मुश्किल खड़ा हो गया है। उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले आसानी से गैस सिलिंडर मिल जाता था। अब 45 दिन कर दिए जाने से 10 परिवार में एक गैस सिलिंडर 45 दिन चलना मुश्किल होगा। रविवार को गैस सिलेंडर के लिए आए उपभोक्ता राधे कृष्ण, जनार्दन, सुग्रीव, धीरज, प्रदीप कुमार अग्रहरि, अखिलेश आदि ने बताया कि अब तत्काल में गैस सिलिंडर मिलने वाला नहीं है। अब तक पासबुक की जरूरत नहीं पड़ती थी, लेकिन अब बगैर पासबुक के गैस मिलने वाला नहीं है। पासबुक मिल भी गया तो उसका केवाईसी कराना भी जरूरी है। इन सब मुश्किलों के बाद एक सिलिंडर मिल भी जा रहा है तो उसका 45 दिन चलना मुश्किल है। परिवार में सदस्यों की संख्या अधिक होने से खर्च भी अधिक पड़ता है। जिससे एक सिलिंडर 20 से 25 दिन ही चल पाता है। उपभोक्ताओं ने बताया कि इस समय रसोई गैस की सबसे बड़ी समस्या सामने आकर खड़ी हो गई है। सुबह 6 बजे से गैस एजेंसी पर लाइन में खड़ा होने के बाद दोपहर तक किसी तरह गैस सिलिंडर मिलने वाला है।


पहले बिना बुकिंग का गैस सिलिंडर घर तक डिलीवर हो जाता था, लेकिन वर्तमान समय में मारामारी शुरू हो गई है। इससे गैस उपभोक्ताओं की समस्या बढ़ गई है। बुकिंग करना भी टेढ़ी खीर हो गया है।
- देव प्रकाश पांडेय, मेंहदावल



गैस कनेक्शन के बाद भी कभी पासबुक की आवश्यकता नहीं पड़ी। बिना बुकिंग के ही नगरी क्षेत्र में गैस सिलिंडर उपलब्ध हो जाता था, लेकिन वर्तमान समय में बिना बुकिंग के गैस सिलिंडर न मिलने के नियम के कारण परेशानी हो रही है।
-पवन कुमार गुप्ता, नायक टोला


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कभी पासबुक से गैस की बुकिंग नहीं किया, न ही कभी गैस सिलिंडर लेते समय पासबुक की आवश्यकता पड़ी, लेकिन इस समय ऑनलाइन बुकिंग की समस्या से गुजरना पड़ रहा है।
-छठ्ठी प्रसाद, सोनबरसा
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बिना बुकिंग के गैस सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। सबसे अधिक दिक्कत उपभोक्ताओं को उठानी पड़ रही है जो कभी बुकिंग किया नहीं और सिलेंडर की डिलीवरी का जाते थे। नए नियम के कारण परेशानी बढ़ गई है।
-बदरे आलम, भितरी टोला

उपभोक्ता को पता नहीं, हो गई गैस की बुकिंग
हरिहरपुर। एजेंसियों पर रसोई गैस के लिए मारामारी थमने का नाम नहीं ले रही है। वहीं उपभोक्ता ओटीपी और गैस बुकिंग को लेकर काफी परेशान हैं। क्षेत्र की एक एजेंसी से बिना गैस के वापस जा रहे उपभोक्ता विनोद कुमार ने बताया कि तीन महीने हो गए अपने पासबुक से बुकिंग नहीं की है, फिर भी बुकिंग करने पर बीते महीने की गैस डिलीवरी बताकर,अगले महीने की तारीख पर बुक करने का मैसेज मोबाइल पर आ रहा है। उन्होंने बताया कि इस परेशानी और भी उपभोक्ता पीड़ित हैं। राम सुमेर, बिरेंद्र ने बताया कि बुकिंग करने पर ओटीपी मोबाइल पर नहीं आ रहा है, जबकि एजेंसी के जिम्मेदार बिना ओटीपी के गैस नहीं दे रहे हैं।


महुली में सुधरी व्यवस्था, एजेंसी पर थमी भीड़
महुली। क्षेत्र में गैस एजेंसी पर इस समय भीड़ कम हो गई, क्योंकि इस समय जिसकी बुकिंग हो रही है उसको गैस सिलिंडर मिल रहा है। महुली क्षेत्र के चन्नी निवासी फिरोज का कहना है कि इस समय बुकिंग को लेकर संशय बना हुआ है और दिनभर मोबाइल से बुकिंग करने के बाद भी ओटीपी नहीं आ रही है। बिना बुकिंग के सिलिंडर मिलना मुश्किल हो गया। महुलियहवा निवासी महफूजूर रहमान ने बताया कि हमारे घर का सिलिंडर 20 से 22 दिन तक ही चलता है, लेकिन अब बैंकिंग 45 दिनों के बाद होने से भारी संकट का सामना करना पड़ रहा है। आगे कोई रास्ता भी नहीं दिख रहा है। छितही निवासी सड्डन ने बताया कि शहरी क्षेत्र के लोगों को 25 दिन के भीतर बुकिंग की व्यवस्था है और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन बाद बुकिंग होना बताया जा रहा है। एक दुकान के मालिक कन्हैया ने बताया कि कामर्शियल सिलिंडर न मिलने से प्रतिष्ठान बंद करने की नौबत आ गई है, क्योंकि अब कोयले की भट्ठी का उपयोग लोग लगभग बंद कर चुके हैं और छोटे कस्बों में कोयले की उपलब्धता भी कम है।
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मेंहदावल में गैस एजेंसी पर जुटी भीड़। संवाद

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