पडरौना। राजकीय, एडेड और नान एडेड माध्यमिक विद्यालयों में शैक्षिक वर्ष में अब न्यूनतम 1200 घंटे शिक्षण कार्य अनिवार्य होगा। विद्यालय कम से कम 220 दिन अवश्य खुले रहेंगे। इसके लिए शासन की तरफ से उत्तर प्रदेश इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम 1921 में संशोधन किया गया है।
सभी जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षक श्रवण कुमार मिश्र ने जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को पत्र भेजा है। इसमें यह उल्लेख किया गया है कि विद्यालय एक शैक्षिक वर्ष में कम से कम 220 कार्य दिवसों में खुला रहेगा। इसमें परीक्षाओं एवं पाठ्यानुवर्ती कार्यकलाप के दिवस भी शामिल रहेंगे। प्रतिदिन विद्यालय में न्यूनतम छह घंटे शिक्षण कार्य किया जाना अनिवार्य होगा। इस समय में प्रार्थना सभा एवं मध्यावकाश का समय भी शामिल होगा।
प्रतिदिन विद्यालय में 40-40 मिनट के आठ वादन (घंटी) पढ़ाई होगी। बीच में 25 मिनट का मध्यावकाश होगा। यह व्यवस्था सुबह पाली हो या दिन की पाली, दोनों में समान रूप से लागू रहेगी। अपरिहार्य कारणों से अगर विद्यालय बंद किए जाते हैं, तो अवशेष घंटों की पूर्ति आगे विद्यालय खुलने की अवधि में घंटों की सीमा को बढ़ाकर पूरा की जा सकेगी।
डीआईओएस ने बताया कि एक अप्रैल से 30 सितंबर तक विद्यालय सुबह 7:30 बजे खुलेंगे। 15 मिनट प्रार्थना सभा के बाद पहला घंटा 7:45 बजे शुरू होगा। मध्यावकाश 10.25 बजे से 25 मिनट के लिए होगा। 10.50 बजे से पांचवां घंटा प्रारंभ होगा और डेढ़ बजे तक आठवां घंटा समाप्त होगा। एक अक्तूबर से 31 मार्च तक विद्यालयों के खुलने का समय 9:30 बजे से होगा और 15 मिनट की प्रार्थना सभा के बाद पहला घंटा 9:45 बजे शुरू होगा। मध्यावकाश 12:25 बजे से 25 मिनट के लिए होगा। पांचवां घंटा 12:50 बजे से शुरू होगा और आठवां घंटा 3:30 बजे तक चलेगा। पत्राचार शिक्षा सतत अध्ययन संपर्क योजना के अंतर्गत पंजीकृत छात्र के संबंध में कार्य दिवसों की संख्या 75 कार्य दिवस तक ही होगी।