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धरना का आठवां दिन 18-21-53

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घंटों मान-मनौवल के बाद मानें सफाईकर्मी, काम पर लौटे
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कप्तानगंज (कुशीनगर)। गत माह का वेतन नहीं मिलने पर नगर पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ गत आठ दिनों से धरना बैठे सफाईकर्मियों का आंदोलन बुधवार को समाप्त हो गया। तहसीलदार ने शीघ्र समस्या निस्तारण का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया। इसके बाद सफाईकर्मी काम पर लौट गए।
नगर पंचायत कार्यालय परिसर में धरना पर बैठे सफाई कर्मचारियों को मनाने के लिए प्रशासन की ओर से लगातार कोशिश की जा रही थी। इसके बावजूद सफाई कर्मी अपनी मांगों पर अड़े रहे। बुधवार की सुबह करीब 11 बजे कुछ लोगो ने नगर के बाहर से कुछ लोगों के साथ टाली, ट्रैक्टर ट्राली लेकर पहुंचे और कस्बा में फैले कूड़ों की सफाई कराना शुरू कर दिया। इसकी जानकारी होते ही धरना दे रहे सफाई कर्मी भड़क गए और कस्बा में रखी दो ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में ले लिया। इसके चलते कुछ समय के लिए वहां माहौल गर्म हो गया। धरना दे रहे महेंद्र, नाथू, चंद्रभान, लल्लन, योगेंद्र, विनोद अदालत, संजय, आकाश, लीलावती देवी, मंजू देवी, ज्ञानती देवी, सोनू, उर्मिला देवी आदि सफाई कर्मचारियों ने कहा कि नगर पंचायत अध्यक्ष ने आउटसोर्सिग कर्मचारियों को वेतन दे दिया है। लेकिन संविदा पर रखे गए सफाई कर्मचारियों को जून का वेतन नहीं मिलने से उनके सामने भुखमरी की समस्या खड़ी हो गई है।
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सूचना पर पहुंचे तहसीलदार अहमद फरीद खान और एसओ गोपाल पांडेय ने सफाई कर्मचारियों को मनाने में लगे रहे। काफी मशक्कत के बाद आंदोलन कर रहे सफाई कर्मचारी दिन के करीब दो धरना समाप्त कर सफाई कार्य में लग गए। तहसीलदार अहमद फरीद खान ने बताया कि अधिशासी अधिकारी श्वेता सिंह का ट्रांसफर अन्य जगह हो गया है। उनके स्थान पर विनय कुमार मिश्र को भेजा गया है। वह जैसे ही चार्ज लेंगे सभी कर्मचारियों का वेतन दे दिया जाएगा।
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सड़क पर पसरा कूड़ा, सफाई नहीं होने से बजबजा उठीं नालियां
वेतन भुगतान की मांग को लेकर आठ दिनों तक चले सफाई कर्मचारियों के आंदोलन से कस्बा की सूरत बिगड़ गई है। नगर पंचायत क्षेत्र में जगह-जगह कूड़े का ढेर पड़ा है। बजबजाती नाली और जलभराव के कारण लोगों को जलजनित बीमारियां होने की आशंका सताने लगी है। नगर पंचायत अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी की लड़ाई में हर माह सफाईकर्मी और अन्य कर्मचारियों का वेतन नहीं मिल रहा है। कस्बा के विनोद गोविंद राव, गोलू मिश्रा, मिथिलेश मिश्रा, प्रमोद श्रीवास्तव, अनिल श्रीवास्तव, अभय मद्धेशिया सुलेमान, योगेंद्र सिंह, दिनेश यादव, गौरी शंकर वर्मा, सत्येंद्र सिंह, हरेराम गुप्ता, रमजान, भोला, मनोज अग्रहरी, मुन्ना सिद्धीकी, रामश्याम सिंह, घनश्याम रौनियार ने कहा कि नगर पंचायत अध्यक्ष और ईओ की आपसी लड़ाई में कस्बे का विकास अवरुद्ध है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। नालियां जाम हो गई हैं। स्ट्रीट लाइटें भी नहीं जलती हैं।
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