सपहा। सीएचसी सपहा में रात के समय आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं न होने से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगरपालिका परिषद कुशीनगर क्षेत्र के वार्ड नंबर तीन संत गाडगेनगर (नौकाटोला) के पास सीएचसी आसपास के 20 से अधिक गांवों और नगरवासियों के लिए सबसे अहम स्वास्थ्य केंद्र है, लेकिन जरूरी सुविधाओं के अभाव में लोगों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है।
सपहा-तुर्कपट्टी मार्ग पर आए दिन सड़क हादसे होते रहते हैं। ऐसे में सीएचसी में रात की इमरजेंसी सेवा न होना गंभीर चिंता का विषय है। रात में अस्पताल बंद होने पर घायलों और गंभीर मरीजों को छह किलोमीटर दूर कसया ले जाना पड़ता है। कई बार एंबुलेंस समय पर उपलब्ध न होने से इलाज में देरी हो जाती है। इससे जान तक चली जाती है। बृहस्पतिवार को सीएचसी में करीब 200 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। बुखार, खांसी, बीपी, शुगर, मलेरिया समेत अन्य बीमारियों के मरीजों को डॉक्टरों ने दवाएं लिखीं, लेकिन कई जरूरी दवाएं उपलब्ध न होने से मरीजों को बाहर से खरीदनी पड़ीं।
शाम चार बजे के बाद अस्पताल और पैथोलॉजी बंद हो जाने से जांच और इलाज के लिए लोगों को निजी पैथोलॉजी का सहारा लेना मजबूरी बन गया है। सीएचसी में एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध नहीं है। जहरीले सांप के काटने पर लगने वाला एंटी स्नेक इंजेक्शन भी अस्पताल में नहीं मिलता, जबकि रेबीज इंजेक्शन की सुविधा है।
अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट तो लगा है, लेकिन ऑपरेटर की तैनाती न होने से इसका उपयोग न के बराबर हो रहा है। सीएचसी सपहा में छह जनरल फिजिशियन, दो फार्मासिस्ट, एक वार्ड बॉय और एक स्वीपर तैनात हैं। इनमें एक यूनानी और एक दंत चिकित्सक शामिल हैं।