पडरौना/खड्डा। तहसील सभागार में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। शिकायतों के तय समय में निस्तारण नहीं होने पर डीएम ने नाराजगी जाहिर करते हुए मातहतों को कार्यशैली में सुधार लाने का निर्देश दिया।
64 फरियादी शिकायत लेकर पहुंचे। इसमें सर्वाधिक मामला जमीन से जुड़ा था। राजस्व और पुलिस टीम को आपसी तालमेल से शिकायतों का निस्तारण तय समय के अंदर करने को कहा।
संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम विशाल भारद्वाज और एसपी संतोष कुमार मिश्र सुबह करीब 10.30 बजे पहुंच गए। डीएम, एसपी के आने की जानकारी होने पर फरियादियों की भीड़ पहले से थी। अफसरों ने एक-एक कर शिकायतों को सुनने के बाद संबंधित विभाग के अधिकारियों को निस्तारण के लिए निर्देश दिए। राजस्व विभाग के 19 में से तीन मामलों को बातचीत के आधार पर मौके पर निस्तारण करा दिया गया।
राजस्व एवं पुलिस विभाग के संयुक्त छह मामले, पुलिस से जुड़े 12, विकास विभाग के 12 मामले आए। 59 प्रार्थनापत्रों को संबंधित विभाग को निस्तारण के लिए कहा गया। एसपी संतोष कुमार मिश्रा ने कहा कि संपूर्ण समाधान दिवस में आने वाली एक-एक शिकायतों को जिम्मेदार गंभीरता से लें। शिकायतकर्ता को संतुष्ट करें, फर्जी रिपोर्ट लगाकर शिकायतों के निस्तारण से बचे। ऐसे मामले सामने आने पर उन कर्मचारियों पर केस दर्ज कराया जाएगा।
पूर्व विधायक दीपलाल भारती ने शिकायती पत्र देकर कहा कि खड्डा कस्बे में काफी समय से सरकारी होम्योपैथी अस्पताल संचालित होता था। इसे अचानक बंद कर दिया गया। इसे फिर से संचालित किया जाए। गड़हिया बसंतपुर गांव की रहने वाली निर्मला ने मांग की कि उनके आराजी के बगल में चकमार्ग है, लेकिन इसे जोत कर खेत में मिला लिया गया है, उसे मुक्त कराया जाए। रामपुर गोनहा गांव के राम बेलास ने शिकायत की कि गांव में किसान कार्ड बनाने के लिए शिविर लगा था, लेकिन क्षेत्रीय लेखपाल व कृषि विभाग के कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण एक भी कार्ड नहीं बना। उन्होंने फिर से शिविर लगाने की मांग की।