पडरौना/दुदही। एक ही गांव के दो मरीजों के साथ रेफर होने से मरीजों की जान पर बन आई। सड़क हादसे में घायल सीएचसी पर दो मरीजों के परिजनों ने 108 नंबर पर फोन किया। दुदही सीएचसी पर मौजूद एंबुलेंस में चालक और ईएमटी आनन-फानन में घायल आदित्य साहनी को परिजन लेकर मेडिकल कॉलेज कुशीनगर के लिए रवाना हो गए।
सीएचसी से करीब 10 किमी दूर रेफर का कागज जांचने पर गलत मरीज को लेकर आने की जानकारी हुई। ईएमटी ने एंबुलेंस मुड़वा दी।
एंबुलेंस में मौजूद परिजन घायल को मेडिकल कॉलेज लेकर जाने की गुहार लगाते रहे। घायल की जान जाने की दुहाई देने पर ईएमटी बोला कि तुमको जान की फिक्र है..., इधर नौकरी चली जाएगी।
परिजनों के लाख गिड़गिड़ाने के बाद भी वह वापस सीएचसी पहुंचे और दूसरे घायल को उसी एंबुलेंस में लेने के बाद मेडिकल कॉलेज के लिए रवाना हुए। मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर पहले से मौजूद मरीज की हालत गंभीर बताते हुए डॉक्टरों ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। घर वालों ने गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में युवक को भर्ती कराया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। घायल के परिजन और ईएमटी के बीच हुई कहासुनी का वीडियो सोशल मीडिया पर मंगलवार को वायरल हो रहा है। बरवापट्टी थाने के दशहवां के पुष्कर नगर निवासी आदित्य साहनी (30) और हरेंद्र चौहान रविवार की देर शाम को अलग-अलग बाइक से जा रहे थे, इस दौरान गांव के बाहर अंधे मोड़ पर दोनों की बाइक टकरा गईं। इसमें दोनों घायल हो गए। 108 पर फोन कर परिजन आदित्य को लेकर दुदही सीएचसी पहुंचे। जबकि, हरेंद्र के घर वाले बाइक से उसे सीएचसी पर लेकर पहुंचे। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने कुशीनगर मेडिकल कॉलेज के लिए दोनों को रेफर कर दिया। दोनों घायल के परिजनों ने अलग-अलग 108 नंबर पर एंबुलेंस के लिए फोन किया। आदित्य को लेकर सीएचसी पर जो एंबुलेंस पहुंची थी, वह हरेंद्र को मेडिकल कॉलेज कुशीनगर लेकर जाने के लिए अलाॅट हो गई।
जबकि, तमकुहीराज सीएचसी पर खड़ी एंबुलेंस आदित्य के लिए अलाॅट हुई थी। भ्रम के चलते सीएचसी पर खड़ी एंबुलेंस में परिजनों ने आदित्य को चढ़ा दिया और मेडिकल कॉलेज के लिए चल दिए। करीब 10 किमी आने के बाद ईएमटी ने आदित्य के परिजनों से रेफर पेपर मांगा और मिलान किया तो पता चला कि इसका एंबुलेंस हरेंद्र नाम के मरीज को मेडिकल कॉलेज पहुंचाने के लिए अलाॅट की गई है। यह देख एंबुलेंस चालक पवन यादव और ईएमटी कल्लू परेशान हो गए और घायल को लेकर सीएचसी के लिए लौटने लगे। इसको लेकर परिजनों और ईएमटी के बीच कहासुनी भी हुई।
सीएचसी पर पहुंचने के बाद हरेंद्र को भी उसी एंबुलेंस से लेकर कुशीनगर मेडिकल कॉलेज पहुंचा। दोनों मरीजों को देखने के बाद डॉक्टर ने आदित्य को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया, परिजन उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। ईएमटी कल्लू का कहना है कि रेफर हुए दोनों मरीज एक ही गांव के थे। आदित्य को दूसरी एम्बुलेंस मिली थी और हरेंद्र को जिस एंबुलेंस पर हम हैं वह अलॉट की गई थी। गलती से आदित्य को बिठा लिया। आगे जाने के बाद आईडी और रेफर पेपर मांगने पर जानकारी हुआ कि दूसरे मरीज को भी बिठाने के लिए वापस आए।
सीएचसी पर वापस आकर दूसरे मरीज हरेंद्र को भी लेकर मेडिकल कॉलेज कुशीनगर इमरजेंसी पर पहुंचाया, जबकि आदित्य के पास रेफर की कागज भी नहीं था। मैंने अपनी जिम्मेदारी पर भर्ती कराया।