पडरौना। महिलाओं को अकेले सफर के दौरान सुरक्षा और सहूलियत के लिए अब ‘सारथी दीदी’ सेवा शुरू करने की तैयारी है। इस पहल में महिला चालक के साथ यात्रा करने का विकल्प मिलेगा। सफर के दौरान सुरक्षा के लिए कैब में एसओएस बटन, लाइव लोकेशन ट्रैकिंग और 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था की तैयारी है। जरूरत पड़ने पर कंट्रोल रूम के माध्यम से पुलिस से तत्काल समन्वय किया जाएगा।
सारथी दीदी सेवा को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने की तैयारी है। इसके लिए भारत टैक्सी मॉडल के साथ प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) को जोड़ने की योजना बनाई गई है। पैक्स के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में राइड-हेलिंग और डिलीवरी सेवाओं का नेटवर्क विकसित किया जा सकता है। इससे गांवों से बाजार, अस्पताल, बस अड्डे, रेलवे स्टेशन और नजदीकी शहरों तक आवागमन आसान बनाने में मदद मिलेगी।
एआरटीओ डॉ. दिलीप गुप्ता ने बताया कि इस पहल में महिला सुरक्षा के साथ महिला सशक्तीकरण को भी जोड़ा गया है। प्रशिक्षण के बाद महिलाएं ई-रिक्शा, दोपहिया या कैब चलाकर परिवहन क्षेत्र में रोजगार हासिल कर सकेंगी। वहीं, यात्रियों के लिए डिजिटल बुकिंग, निगरानी और आपातकालीन सहायता जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है। प्रदेश में योजना के क्रियान्वयन और विस्तार की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जा रहा है।