तमकुहीरोड। रकबा जंगली पट्टी स्थित गंडक नदी के किनारे चार दिवसीय मॉडल राकेट्री कैनसेट इंडिया छात्र प्रतियोगिता के दूसरे दिन मंगलवार को प्रतियोगी छात्रों की ओर से 10 कैनसेट सेटेलाइट युक्त राकेट सफलता पूर्वक लांच किए गए। पहले राकेट का 12. 35 बजे सफल लांचिंग किया गया। इस तरह दूसरे दिन कुल 10 राकेट सफलता पूर्वक लांच किए गए।
रॉकेट की सफल लांचिंग पर वैज्ञानिकों की टीम के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने वाले छात्र काफी खुश नजर आए। वहीं युवा वैज्ञानिकों द्वारा बनाए गए रोबोट और उसके डांस से रोमांच पैदा हुआ। वैज्ञानिकों का कहना था कि इस प्रतियोगिता से क्षेत्र के युवाओं को भी अपना बेहतर भविष्य बनाने में मदद मिलेगी।
देवरिया के सांसद शशांक मणि त्रिपाठी के प्रयास से रकबा जंगली पट्टी में गंडक नदी के किनारे सोमवार से चार दिवसीय मॉडल राकेट्री कैनसेट इंडिया छात्र प्रतियोगिता-2025 का आयोजन शुरू हो गया है।
इस प्रतियोगिता को इसरो, इन स्पेस और ट्रस्ट टेक इंडिया के संयुक्त प्रयास से किया जा रहा है, जिसमे देश के राजस्थान, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश सहित अनेक राज्यों के विभिन्न संस्थानों से 600 मेधावी छात्र छात्राओं के साथ 100 से अधिक अनुभवी वैज्ञानिक हिस्सा ले रहे है।
इस प्रतियोगिता के दौरान 70 कैनसेट राकेट लांच करने का लक्ष्य है। इन कैनसेट राकेट के डिजाइन को छात्रों द्वारा निर्मित किया गया था। सोमवार को यह लांचिंग प्रक्रिया शुरू हुई और पहले दिन 10 राकेट लांच किये जाने का शेड्यूल था, लेकिन तकनीकी कारणों से चार राकेट ही लांच किए गए। दूसरे दिन मंगलवार को भी 20 राकेटों की लांचिंग की जानी थी लेकिन खराब मौसम व नेटवर्क दिक्कत के चलते दिन में 12..35 बजे पहला राकेट, 12.40 बजे दूसरा,3.10 बजे तीसरा, 3.14 बजे चौथा, 3.18 बजे पांचवा,3.20 बजे छठवां और पांच बजे शाम के बाद चार राकेटों को मिला कर 10 रॉकेट लांच किए गए।
इस तरह पहले व दूसरे दिन मिला कर कुल 14 राकेट लांच किए जा चुके हैं। उसके बाद लांचिंग कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया। कार्यक्रम के दूसरे दिन भी राकेटों की सफलता पूर्वक लांचिंग पर सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने इस कार्यक्रम से जुड़े सभी वैज्ञानिकों, छात्र-छात्राओं, तकनीकी टीम के सदस्यों और क्षेत्रीय लोगों को बधाई दी।
इस पूरे आयोजन के दौरान इसरो, इन स्पेस व ट्रस्ट टेक इंडिया के डायररेक्टर डाॅ. विनोद कुमार, बृजेश कुमार, प्रणव प्रकाश सिंह, अनंत मधुकर, प्रो.आरएस कुलकर्णी, अमित सिंह, सतीश मिश्र, अभिषेक सिंह, सत्येंद्र सिंह सहित अनेक वैज्ञानिक, विशेषज्ञ व सैकड़ों प्रतियोगी छात्र-छात्राएं मौजूद रही।