तमकुहीरोड। (कुशीनगर)। क्षेत्र के रकबा जंगलीपट्टी गांव में गंडक नदी के किनारे सोमवार को चार दिवसीय राष्ट्रीय इन-स्पेस मॉडल राॅकेट्री/कैनसेट इंडिया छात्र प्रतियोगिता की शुरुआत हो गई। पहले दिन युवा वैज्ञानिकों की ओर से निर्मित चार कैनसेट ने सफलता पूर्वक उड़ान भरी। पहला राॅकेट (कैनसेट) सुबह 9.30 बजे लाॅन्च किया गया। यह एक हजार मीटर की ऊंचाई तक गया। इसी तरह कुल चार कैनसेट लाॅन्च किए गए। टीम की यह सफलता जिले के युवाओं के लिए प्रेरणादायक होगी।
गंडक के किनारे देवरिया के सांसद शशांक मणि त्रिपाठी के प्रयास से इस प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इसमें इसरो, इन-स्पेस और ट्रस्ट टेक इंडिया की सहभागिता है। प्रतियोगिता में राजस्थान, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र व उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों के विभिन्न संस्थानों के 600 मेधावी हिस्सा ले रहे हैं।
इसके अलावा 100 से अधिक वैज्ञानिक भी शामिल हो रहे हैं। प्रतियोगिता का समापन 30 अक्तूबर को होगा। इस दौरान 70 कैनसेट लाॅन्च किए जाएंगे। सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने कहा कि इस तरह के आयोजन दक्षिण भारत सहित देश के अन्य हिस्सों में होते थे। आज यह गंडक नदी के किनारे आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन युवाओं के लिए प्रेरणादायक सिद्ध होगा। इस मौके पर इन-स्पेस के डायरेक्टर डाॅ. विनोद कुमार, डिप्टी डायरेक्टर बृजेश कुमार व टीम के प्रणव प्रकाश सिंह, अमित सिंह, अनंत मधुकर, सतीश मिश्र आदि मौजूद रहे।
युवाओं की प्रतिभा को निखारना आयोजन का उद्देश्य : डॉ विनोद
कुशीनगर। इन-स्पेस के डायरेक्टर डॉ. विनोद ने बताया कि आज पहली बार उत्तर भारत में एक साथ चार कैनसैट की सफल लॉन्चिंग कराई गई है। इन कैनसैट का आकार 7000 से ज्यादा सेंटीमीटर क्यूब था, जिन्हें छात्रों ने खुद तैयार किया था। यह अपने आप में बड़ी बात है। इस प्रतियोगिता में कुल 71 टीमें भाग ले रही हैं। आज 10 कैनसैट लॉन्च करने का प्लान था, लेकिन त्योहार के मद्देनजर चार ही कैनसैट लॉन्च कराए गए। सफल लॉन्चिंग के लिए डॉ. विनोद ने प्रतिभागी छात्रों, इन-स्पेस के चेयरमैन डॉ. पवन गोयनका, देवरिया के सांसद शशांक मणि, मैनेजमेंट व जूरी टीम को धन्यवाद दिया।