तटबंध के किनारे बसे नोनियापट्टी, मदरहा और खैरखूटा संवदेनशील
जियो बैग डालने के साथ तटबंध के किनारे बढ़ाई गई है निगरानी
तमकुहीरोड। नारायणी (गंडक नदी) के एपी तटबंध किनारे स्थित अहिरौलीदान में बैक रोलिंग थमा नहीं है। इसके कारण किमी 13.500 से किमी 13.400 के बीच कटान का खतराबरकरार है। स्थानीय लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
नारायणी नदी में बैक रोलिंग के चलते तटबंध के किनारे सोमवार को भी कटान जारी रहा। बचाव के लिए बाढ़ खंड की तरफ से जियो बैग पानी में डाला जा रहा है। हालात यह है कि नदी का जलप्रवाह अब भी एप्रन से सट कर हो रहा है। इससे तटबंध की सुरक्षा को लेकर अंदेशा बना हुआ है।
अहिरौलीदान में एपी तटबंध के किनारे बसा नोनियापट्टी, मदरहा और खैरखूटा करीब 20 दिनों से नदी के निशाने पर हैं। इसके चलते तटबंध के किमी 13.980 से किमी 13.400 के बीच रूक-रूक कर बैक रोलिंग से कटान हो रहा है। वहीं एसडीओ दीपरतन सिंह, जेई रमेशधर दूबे, जेई सुनील यादव,जेई रामचंद्र प्रसाद, जेई सोहनलाल वर्मा अपनी देखरेख में जियो बैग कटान स्थलों पर पानी में डलवा रहे हैं। कटान रोकने के लिए मरम्मत कार्य जारी हैं। मौके की निगरानी की जा रही है।
क्षेत्र के पप्पू यादव, ब्रह्मा शर्मा, जीतन सिंह, भगवान पासवान, पप्पू सिंह ने बताया कि 15 से 20 दिन से तटबंध कटान की जद में है। कटान की वजह से चिंता बनी हुई है।