डरौना शहर के सुभाष चौक पर लगे सब्जी की दुकान पर खरीदारी करते लोग। संवाद
पडरौना। बारिश के साथ ही सब्जियों के दामों में उछाल आ गया है। कुछ सब्जियों के भाव तो दो से तीन गुना बढ़ गए हैं। महंगी हुई अदरक ने चाय का जायका बिगाड़ दिया है। अदरक फुटकर में 240 रुपये किलोग्राम पर बिक रही है। 300 रुपये किलो होने से धनिया लोगों की पहुंच से दूर हो गई है, तो वहीं खीरा, मूली, प्याज के भाव भी आसमान छू रहे हैं।
बारिश का मौसम शुरू होने के साथ ही हर साल सब्जियों के दाम में उछाल आ जाता है। यही कारण है कि बारिश शुरू होने के बाद से अब लौकी, तरोई, परवल भी महंगे हो गए हैं। किसानों का कहना है कि बारिश में सब्जी का उत्पादन कम होने से दूसरे जिले या प्रांतों से सब्जी आयात होकर पहुंचती है, जिससे सब्जी के दाम काफी बढ़ जाते हैं। बीते दिनों हुई बारिश के बाद से कई खेतों में पानी भर गया। इसके बाद से ही सब्जियों के भाव में उछाल आना शुरू हो गया।
लौकी जो दस दिन पहले 10 रुपये किलोग्राम बिक रही थी। वह अब 30 से 40 रुपये किलो के दाम पर बिक रही है। तरोई 20 रुपये किलो से बढ़कर अब 40 से 50 रुपये किलो दाम पर बिक रही है। टमाटर जो बरसात से पहले 20 रुपये प्रति किलो बिक रहा था। वह अब 50 रुपये किलो बिक रहा है। इसी प्रकार से परमल का 80 रुपये तो कुंदरू का 60 रुपये किलो का भाव हो गया है। हरी मिर्च जो 40 रुपये के भाव थी, अब 60 से 80 रुपये प्रति किलो के दाम पर बिक रही है।
यही नहीं, हर सब्जी के लिए जरूरी धनियां तो आम लोगों की पहुंच से दूर हो गई है। फुटकर में धनिया लोगों को 30 रुपये की ढाई सौ ग्राम के भाव मिल रही है। इसी प्रकार से सलाद में प्रयोग किया जाने वाला चुकंदर 50 रुपये किलो, खीरा 40 से 50 रुपये किलो व मूली 40 रुपये किलोग्राम के भाव बिक रही है। सब्जी विक्रेता परमेश्वर कुशवाहा बताते हैं कि बरसात के मौसम के कारण सब्जी की पैदावार कम हो रही है। यही कारण है कि सब्जी के भाव बढ़ गए हैं।