पडरौना। मेडिकल कॉलेज में डायरिया, हाई ब्लड प्रेशर, सांस लेने में परेशानी, तेज बुखार और त्वचा रोगों के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। प्रतिदिन 35 से 40 मरीज अनिद्रा और सिर दर्द की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। ओपीडी के अलावा ऐसे मरीज इंमरजेंसी में पहुंंच रहे हैं। डाक्टर इलाज के साथ-साथ छह से आठ घंटे तक सोने के लिए सलाह दे रहे हैं।
जिले में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। उमस और गर्मी के कारण लोगों की नींद प्रभावित हो रही है, जिससे अनिद्रा और सिर दर्द की शिकायतें तेजी से बढ़ी हैं। हालात ऐसे हैं कि घरों और कार्यालयों में लगे कूलर और एसी भी गर्मी के सामने बेअसर साबित हो रहे हैं, जबकि पंखे गर्म हवा फेंक रहे हैं। रात को बिजली की कटौती और ट्रिपिंग की समस्या के चलते लोगों की रात की नीद पूरी नहीं हो पा रही है। बृहस्पतिवार को ओपीडी में पहुंचे मरीजों में सिर में दर्द होने की शिकायत थी। जांच के दौरान कुछ बीपी बढ़ने का मामला सामने आया। डाक्टर ऐसे मरीजों को अनिद्रा का शिकार बताते हुए नीद पूरी करने के लिए सुझाव दिए। इसके अलावा चिल्ड्रेन वार्ड में डायरिया से पीड़ित बच्चों की संख्या अधिक रही। इमरजेंसी में बड़े लोग भी उल्टी, दस्त से प्रभावित होकर इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। डॉ. उपेंद्र चौधरी ने बताया कि नीद पूरी नहीं होने और अधिक गर्मी के चलते लोगों के सिर में दर्द हो रहा है। धूप से बचने का सुझाव देने के अलावा दवा दी गई।
1319 मरीज ओपीडी में पहुंचे थे
के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ रही हैं। अस्पताल में ओपीडी की तुलना में इमरजेंसी में अधिक मरीज पहुंच रहे हैं।
सुबह 11 बजे के बाद इमरजेंसी वार्ड में बेड तक उपलब्ध नहीं रह रहे हैं। ऐसे में मरीजों को हड्डी और
जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में भर्ती मरीज। संवाद
सर्जिकल वार्ड में शिफ्ट करना पड़ रहा है। एसी युक्त वार्डों में भर्ती कराने को लेकर तीमारदारों के बीच विवाद की स्थिति भी बन रही है।
बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में कुल 1319 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। फिजिशियन, चर्म रोग, बाल रोग, नेत्र रोग और आर्थो सर्जन की ओपीडी में सबसे अधिक भीड़ देखने को मिली। चिकित्सकों के अनुसार इस समय डायरिया के लक्षणों के साथ सिर दर्द, अनिद्रा, हाई बीपी,
वार्डों में मरीजों से ज्यादा तीमारदारों की संख्या
जिला अस्पताल के इमरजेंसी और मेडिकल वार्डों में एसी और कूलर लगे होने के कारण मरीजों से अधिक संख्या में तीमारदार मौजूद रह रहे हैं। एक मरीज के साथ पांच से सात लोग वार्ड में पूरे दिन डटे रहते हैं। सुरक्षा कर्मियों द्वारा बाहर निकालने के प्रयास के बावजूद लोग वार्डों में बने रहते हैं। कई लोग मरीजों के बेड के पास ही भोजन और नाश्ता करते देखे जा रहे हैं। ट्रॉमा सेंटर की स्थिति भी प्रभावित हो रही है। वार्डों में तीमारदारों की बढ़ती संख्या के कारण अव्यवस्था का माहौल बन रहा है।
आंखों में लालिमा, पेट दर्द, गैस, शरीर पर लाल चकत्ते और फुंसियों की शिकायतें बढ़ रही हैं।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि अत्यधिक गर्मी के कारण उल्टी-दस्त, सांस लेने में तकलीफ, चक्कर आना, अनिद्रा और सिर दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ी है।