कप्तानगंज। स्थानीय तहसील में तैनात राजस्व लिपिक हेमंत कुमार की तहसीलदार द्वारा शनिवार को फटकार लगाने और नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगने के बाद तबीयत बिगड़ गई।
इसके बाद उनकी मौत हो गई। आरोप है कि फटकार के बाद हेमंत तनाव में आ गए और देर शाम आवास पर काम करते समय तबीयत बिगड़ गई। परिजन कसया सीएचसी पर ले गए, जहां से डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज रेफर किया।
वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उनके भाई ने बताया कि डांटने व नोटिस देने के बाद वह तनाव में आ गए और फोन कर बताया कि घर नहीं आएंगे काम ज्यादा हैं, इसे पूरा करना है। रात में मौत की खबर मिली। तमकुहीराज से कप्तानगंज तहसील में स्थांतरण होकर एक जुलाई को हेमंत कुमार (45) आए थे।
इनका आवास कसया में था। मूल रूप से वह देवरिया जिले के रामपुर कारखाना क्षेत्र के सकरापार खुर्द गांव के निवासी थे। लिपिक के छोटे भाई अजय कुमार ने बताया कि काम को लेकर इधर कुछ दिनों से वह तनाव में रहते थे। दिन में बात हुई तो वह घर आने के लिए बोले थे। शाम को वह अचानक घर पर फोन किए और बोले कि काम का काफी दबाव है।
इसे रात में पूरा करना है, इसलिए आज घर नहीं आऊंगा। रात को 11 बजे कसया आवास पर तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली तो उनको लेकर सीएचसी लेकर गए। वहां आराम नहीं मिलने पर कुशीनगर मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
भाई के मुताबिक तहसील में तैनात कर्मचारियों ने बताया कि शनिवार की शाम को तहसीलदार ने राजस्व लिपिक हेमंत कुमार को सबके सामने डांटा, फटकारा। आरोप है कि अपशब्द भी बोले। इसके बाद नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांग लिया। हेमंत अपनी पत्नी निर्मला देवी, बच्चे आनी (13), लडडू (11) व आरव (7) के साथ कसया में भाड़े के मकान में रहते थे।