खड्डा। साइबर क्राइम में गिरफ्तार रंजीत यादव के पिता विरेन्द्र भी रैकेट में शामिल पाए गए हैं। एक व्यक्ति की जमीन 70 हजार में रेहन लिया और उसके बैंक खाते में ठगी का रुपये भेज दिया। संदिग्ध पैसा पाकर खाता फ्रीज हुआ तो परेशान व्यक्ति ने पुलिस से शिकायत की। जांच शुरू हुई तो परत दर परत कलई खुलती गई। गंडक नदी पार के बाढ़ प्रभावित गांव मरचहवा निवासी रमेश को कुछ पैसे की जरूरत थी। विरेन्द्र यादव से 70 हजार में 10 कट्ठा खेत बंधक रखने पर सहमति हो गई। इसके बाद 29 मार्च 2024 को विरेन्द्र के भाई विवेक यादव ने रमेश के बैंक अकाउंट में 70 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिया।
जब रमेश बैंक से अपना पैसा निकालने पहुंचा तब पता चला कि अवैध लेनदेन के चलते खाता फ्रीज हो गया है। इतना सुनते ही रमेश के पैरों तले जमीन खिसक गई। इसके बाद उसने पता किया तो विरेन्द्र यादव व उसका पुत्र रंजीत यादव, विरेन्द्र का भाई विवेक यादव, सरवरे आलम, राकेश पाल सहित अन्य लोग गैंग बनाकर साइबर क्राइम में लिप्त मिले।
रमेश ने हिम्मत करके पुलिस को दी तहरीर में यह भी बताया कि उक्त लोग चाइनीज गेम एप चलाने वालों को बैंक खाता बेचते हैं। यह लोग अपने पहचान के लोगों को शिकार बनाकर उनके खाते बेच मोबाइल से फ्राड कर रुपये कमाते थे। पुलिस ने विरेन्द्र यादव, रंजीत यादव, विवेक यादव, सरवरे आलम, राकेश पाल सहित अन्य लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्जकर कर जब छानबीन की तो पूरे गैंग की कुंडली खुल गई।