- संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने की सख्ती
- किराएदारों की पूरी जानकारी पुलिस को देनी होगी
पडरौना। जिले में किरायेदारों के सत्यापन को लेकर पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। अब मकान मालिकों को अपने यहां रहने वाले किराएदारों की पूरी जानकारी स्थानीय पुलिस को उपलब्ध करानी होगी। पुलिस किराएदारों का रिकॉर्ड तैयार कर उनकी गतिविधियों पर नजर रखेगी, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर समय रहते कार्रवाई की जा सके। नेपाल के युवकों को बंधक बनाकर रखने का भंडाफोड़ होने के बाद पुलिस ने यह कदम उठाया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि, जिले में कई बार किराए के मकानों से संदिग्ध लोगों के पकड़े जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में मकान मालिक किराएदारों का सत्यापन कराए बिना ही उन्हें रहने के लिए मकान उपलब्ध करा देते हैं। इससे सुरक्षा व्यवस्था के सामने चुनौती खड़ी हो जाती है। जिले के शहर और कस्बों में बड़ी संख्या में बिहार और नेपाल के लोग किराए के मकानों में रहकर रोजगार, व्यापार और अन्य कार्यों से जुड़े हैं। ऐसे में पुलिस सभी किराएदारों का सत्यापन कर उनका विस्तृत ब्यौरा जुटाने की तैयारी में है। इसके लिए थाना स्तर पर विशेष अभियान चलाया जाएगा।
पुलिस के अनुसार, मकान मालिकों को किराएदार का पहचान पत्र, स्थायी पता, मोबाइल नंबर और अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। सत्यापन के बाद संबंधित जानकारी पुलिस अभिलेखों में दर्ज की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि, किरायेदार सत्यापन व्यवस्था से अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी और किसी भी आपराधिक घटना की जांच में आवश्यक सूचनाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी। पुलिस ने मकान मालिकों से अपील की है कि वे बिना सत्यापन किसी को भी किराए पर मकान न दें और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में सहयोग करें।
एसपी केशव कुमार ने बताया कि बीट सिपाही और दरोगा को जिम्मेदारी दी गई है। मकान मालिक भी रहने वाले किराएदारों की सूचना और ब्योरा देंगे। ऐसा नहीं करने पर अगर भविष्य में कोई बात होती है तो मकान मालिक भी दोषी माने जाएंगे।