मथौली। क्षेत्र के पुरैनी गांव निवासी रमेश कन्नौजिया सऊदी अरब से घर वापस आ गए हैं। वहां उन्हें डेढ़ साल तक बिना वेतन के काम करना पड़ा। जानकारी मिलने पर प्रवासी मदद फाउंडेशन ने उनकी सहायता की, जिससे उनकी घर वापसी संभव हो सकी। पुरैनी के रमेश तीन साल पहले एजेंट के जरिए से सऊदी अरब गए थे। एजेंट ने उनसे अच्छी नौकरी का वादा किया, लेकिन वहां उन्हें सप्लाई के काम में लगा दिया गया। लगातार डेढ़ साल तक बिना वेतन के काम करना पड़ा। हालात से परेशान होकर रमेश ने वहां से निकलकर दूसरे स्थान पर शरण ली।
इसी दौरान उन्हें कुशीनगर की सामाजिक संस्था प्रवासी मदद फाउंडेशन की जानकारी मिली। रमेश ने संस्था से संपर्क कर मदद की गुहार लगाई। फाउंडेशन ने कानूनी सलाह के साथ-साथ उनकी घर वापसी की प्रक्रिया शुरू की। एक महीने के प्रयास के बाद 21 अप्रैल को रमेश सकुशल अपने गांव लौटे। घर वापसी में प्रवासी मदद फाउंडेशन की अहम भूमिका रही, जिसने एक पीड़ित प्रवासी को न केवल राहत दी, बल्कि उसके टूटते भरोसे को भी मजबूत किया। संस्था के अध्यक्ष अविनाश कुमार ने कहा कि हमारा उद्देश्य प्रवासी कामगारों को न्याय दिलाना है।