संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। शादी-विवाह और अन्य कार्यक्रमों में डीजे के तेज आवाज से लोग परेशान होते हैं, लेकिन डोल मेला में आयोजकों में आपसी प्रतिस्पर्धा से लोगों को दिक्कत और बढ़ जाती है। लाख रुपये खर्चकर डीजे अलग अलग जनपदों से मंगाए जाते हैं। तमकुहीराज में बुधवार की रात सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान एक युवक की मौत हो गई, जब घटना हुई तब एक ही अखाड़े के डीजे एक स्थान पर करीब बीस मिनट से बज रहे थे। इस दौरान करंट की चपेट में आने से कलाकार की मौत हो गई। डीजे को जिस तार से कनेक्शन दिया गया था, वह तार कटा था। हादसे के बाद अफरा-तफरी मच गई, एंबुलेंस आई लेकिन भीड़ होने के कारण उसको सीएचसी पर ले जाने में करीब आधे घंटे लग गए। इसके बाद डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद कार्यक्रम पर विराम लग गया।
तमकुहीराज में प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि डीजे एक ही स्थान पर करीब बीस मिनट से 18 अखाड़े का बज रहा था। इस दौरान भगवान शंकर का रोल निभा रहा कलाकार स्टेज पर गिर गया और नंगे तार की चपेट में आ गया। इसके बाद रात में ही लोग डीजे को बैन करने को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने लगे और यह मामला पूरे सोशल मीडिया पर छा गया। धुरिया इमिलिया के डोल में शामिल कलाकार कसया थाना क्षेत्र के बेलवा निवासी रामबहाल कश्यप (21) की बुधवार देर शाम झांकी में भगवान शंकर की भूमिका निभाते समय ही मौत हो गई थी।