पिपरा कनक। रमजान का महीना मुस्लिम समुदाय के लिए रहमत, बरकत और मगफिरत का संदेश लेकर हर वर्ष आता है। इसमें अल्लाह की इबादत के साथ इंसानियत और भाईचारे की भावना को मजबूत किया जाता है।
ये बातें पिपरा कनक में मौलाना हासिम रजा गौहरी ने कही। कहा कि रमजान में रोजेदार दिन भर भूखे-प्यासे रहकर सब्र और संयम का अभ्यास करते हैं। इससे उन्हें गरीब और जरूरतमंद लोगों की परेशानियों का एहसास होता है। रमजान में जकात, सदका और फित्रा देकर जरूरतमंदों की जरुरत पूरे करते हैं। रमजान महज इबादत के लिए नहीं, बल्कि समाज में प्यार, मोहब्बत और सहयोग के लिए होता है। संवाद