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Kushinagar News: बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता, खराब हुई फसल का सर्वे शुरू

Sat, 12 Apr 2025 01:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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पडरौना। जिले में बृहस्पतिवार को हुई बारिश के बाद खराब हुई गेहूं की फसल के नुकसान का सर्वे के लिए ब्लॉक पर तैनात एडीओ पंचायत को नामित किया गया है। विभाग का कहना है कि जिले में एक लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि योग्य भूमि पर गेहूं की खेती की गई है। इसमें से करीब 40 फीसदी गेहूं की मड़ाई हो चुकी है। शेष 60 फीसदी गेहूं की अभी खेत में है, जो बारिश से नुकसान होने की आशंका जताई जा रहे है। इसकी वास्तविक रिपोर्ट ब्लॉक मुख्यालय पर तैनात एडीओ पंचायत सर्वे कर उपलब्ध कराएंगे। बुधवार की देर रात बिगड़ा मौसम का मिजाज बृहस्पतिवार को पूरे दिन रूक-रूक कर बारिश हुई थी। शुक्रवार की सुबह धूप निकलने से मौसम शुष्क हो गया, लेकिन किसानों का कहना है कि बारिश हो चुके नुकसान की भरपाई मुश्किल है।
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जमीन पर गिर चुकी गेहूं की बाली के काला होना शुरू हो चुका है। ऐसे में फसल का दाना तो प्रभावित होगा ही जानवरों के लिए चारा की व्यवस्था में लगे किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। दरअसल तेज आंधी के साथ आई बारिश से गेहूं की फसल गिर गई है। कहीं-कहीं जानवरों के चारा के लिए किसानों द्वारा स्वयं हंसिया से गेहूं काटकर बोझा तैयार किया गया है, ताकि उसकी मड़ाई कराकर चारा की व्यवस्था की जा सके। लेकिन गेहूं का डंठल भींग जाने से उन्हें फिर से सुखाना पड़ेगा नतीजा शारीरिक श्रम या, मजदूरी तो लगेगा ही गेहूं के दानों के काला हो जाने या मटमैला हो जाने की संभावना बढ़ जाएगी जिससे बाजार में गेहूं की कीमत कम मिलेगी। ऐसे में लगी लागत को निकालना भी कम मुश्किल कार्य नहीं होगा। छोटे किसान जो खुद गेहूं की कटाई कर लेते हैं उनके लिए आंधी पानी बड़ी समस्या बनकर आया। गेहूं के जमीन पर गिर जाने से उन्हें अब मशीन से कटवाने की की मजबूरी है नतीजा खेती की लागत तो बढ़ जाएगी लेकिन गेहूं की बाजार कीमत बढ़ने के बजाय घट जाएगी।
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