पडरौना/कप्तानगंज। पडरौना-परतावल एनएच-730 पर चार वर्ष से चल रहा ओवरब्रिज निर्माण कार्य निर्धारित समय पर पूरा नहीं हो सकेगा। इसके पीछे रेलवे की तरफ से गर्डर रखने की अनुमति नहीं मिल रही है। इसकी वजह से ओवरब्रिज का निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है। निर्माण कार्य पूरा नहीं होने से यहां जाम और जलनिकासी की समस्या झेल रहे लोगाें को अभी कुछ दिन और परेशानी झेलनी पड़ेगी।
पडरौना-कप्तनगंज एनएच-730 के चौड़ीकरण, नाली निर्माण और कप्तानगंज रेलवे क्राॅसिंग पर ओवरब्रिज निर्माण का कार्य करीब 78 करोड़ रुपये की लागत से चार वर्ष पहले शुरू हुआ था। करीब दो वर्ष में सड़क और नाली का निर्माण कार्य तो पूरा हो गया, लेकिन ओवरब्रिज का निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हो सका है। करीब दो वर्ष से रेलवे क्राॅसिंग के पास चल रहे ओवरब्रिज निर्माण कार्य की गति शुरू से ही सुस्त है।
निर्माण कार्य पूरा होने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2025 तक निर्धारित गई थी। लेकिन, निर्माण की गति बेहद ही धीमी है। इस निर्माण की गति धीमी होने की मुख्य वजह रेलवे की तरफ से गर्डर रखने की अनुमति नहीं मिलनी बताई जा रही है। हालांकि कार्यदायी संस्था ने रेलवे को निर्धारित शुल्क भी जमा कर दिया है।