कसया हरे कृष्ण मंदिर में राधा अष्टमी पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते बाल कलाकार।संवाद
कसया। हरे कृष्ण मंदिर में शनिवार को राधाष्टमी का पर्वमनाया गया। शाम को मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन, गीत, प्रवचन, नृत्य नाटिका, अभिषेक, आरती और महाप्रसाद के कार्यक्रम संपन्न हुए। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में शामिल होकर राधारानी के दर्शन किए और जयकारे लगाए। राधारानी का अभिषेक किया गया।
कथा व्यास गोविंद गोपाल दास ने उनकी महिमा का वर्णन किया। कहा कि राधाष्टमी राधारानी के प्राकट्य का उत्सव है। राधाजी साक्षात महालक्ष्मी और विष्णुप्रिया स्वरूप हैं। कलियुग में प्रत्येक गृहस्थ को उनकी उपासना करनी चाहिए। उनकी कृपा के बिना गृहस्थ जीवन सुचारू रूप से आगे नहीं बढ़ सकता। उन्होंने कहा कि द्वापर युग में भगवान विष्णु ने श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लिया, उसी प्रकार माता लक्ष्मी बरसाना में राधारानी के रूप में प्रकट हुईं। राधाजी श्रीकृष्ण की आत्मिक और सर्वोपरि शक्ति हैं।
शुभारंभ वृंदावन से आए लोक गायकों के भजनों से हुआ। स्थानीय कलाकारों ने राधा-कृष्ण के प्रसंगों पर आधारित नृत्य नाटिका प्रस्तुत की। मंदिर में राधारानी के विग्रह का पंचामृत अभिषेक कर विशेष शृंगार किया।
कसया हरे कृष्ण मंदिर में राधा अष्टमी पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते बाल कलाकार।संवाद