कलेक्ट्रेट सभागार में शिक्षा मित्रों को चेक वितरित करतीं राज्य मंत्री विजयलक्ष्मी गौतम,विधायक
पडरौना। गोरखपुर में आयोजित शिक्षामित्र सम्मान समारोह का मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में सीधा प्रसारण किया गया। मुख्य अतिथि राज्य मंत्री विजयलक्ष्मी गौतम की मौजूदगी में शिक्षामित्रों को बढ़े मानदेय के प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
मंत्री विजयलक्ष्मी गौतम ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के प्रति संवेदनशील है और प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले गरीब बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक से लैस मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों की स्थापना की जा रही है, जहां छात्रों को एआई व कंप्यूटर शिक्षा भी दी जाएगी। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे छात्रों को बेहतर शिक्षा देकर उन्हें राष्ट्र निर्माण के योग्य बनाएं। बताया कि वर्ष 1999 में शुरू हुई शिक्षामित्र योजना के तहत वर्तमान में प्रदेश में करीब 1.43 लाख शिक्षामित्र कार्यरत हैं। पहले 3500 रुपये मानदेय मिलने के बजाय अब इसे बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है, जो एक अप्रैल 2026 से लागू है।
मंत्री ने कहा कि बीते नौ वर्षों में शिक्षा क्षेत्र में सुधार हुआ है। ड्रॉपआउट दर 15 प्रतिशत से घटकर तीन प्रतिशत और ट्रांजिशन दर 78 से बढ़कर 87 प्रतिशत हो गई है। प्रदेश में स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब और डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। साथ ही 2.61 लाख से अधिक टैबलेट शिक्षकों को वितरित किए गए हैं। प्रतीकात्मक रूप से नेबुआ नौरंगिया से अर्चना पाण्डेय, प्रियंका शर्मा, डिंपल भारती, फाजिलनगर से विक्रम कुमार गुप्ता, सेवरही धर्मेंद्र पाण्डेय, तमकुहीराज से सायदा खातून, रामकोला से सुनील यादव, सुधीर कुमार राव, बिशनपुर से प्रमिला दुबे, अभिरुल हसन, सुकरौली से गोदावरी सिंह, सुनीता मिश्रा, कप्तानगंज से रसीद अली, खड्डा से सिद्धेश्वर तिवारी को बढ़े हुए मानदेय के प्रमाण पत्र वितरित किए गए।