दुदही सीएचसी में गायब फार्म जांच करने पहुंचे डिप्टी सीएमओ डॉ. एसएन त्रिपाठी। स्रोत-सोशल मीडिया
दुदही (कुशीनगर)। सीएचसी में जननी सुरक्षा योजना से जुड़े फॉर्म गायब होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सोमवार को 85 फॉर्म अस्पताल के कमरे में अलमारी और कचरे के ढेर में मिलने के बाद मंगलवार को पहुंची जांच टीम के सामने बड़ा खुलासा हुआ। जांच में कुल 228 फॉर्म गायब पाए गए। उनमें 83 पहले दिन बरामद किए जा चुके हैं। जांच टीम के सामने आशा कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। जांच में प्रथम दृष्टया स्टाफ नर्स की लापरवाही सामने आई है। टीम ने दो स्टाफ नर्स का बयान दर्ज किया है।
सीएमओ के निर्देश पर एसीएमओ डॉ. एसएन त्रिपाठी, एकाउंटेंट आनंद तिवारी समेत तीन सदस्यीय टीम ने अस्पताल पहुंचकर करीब दो घंटे तक आशा कार्यकर्ताओं की शिकायतें सुनीं। इस दौरान आशाओं ने मामले में संलिप्त स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और लंबित भुगतान दिलाने की मांग उठाई। एसीएमओ ने संबंधित कर्मियों को दो दिन के भीतर शेष फॉर्म उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। चेतावनी दी कि ऐसा न होने पर प्राथमिकी दर्ज कराया जाएगा।
टीम ने अस्पताल के वार्डों का निरीक्षण भी किया, जहां गंदगी, अव्यवस्था और मरीजों से कथित वसूली जैसे आरोप भी सामने आए। आशा कार्यकर्ताओं के अनुसार, जांच में 228 लाभार्थियों के फॉर्म गायब होने की पुष्टि हुई है। सोमवार को 83 फॉर्म बरामद हुए थे, जबकि अन्य की तलाश जारी है। आशा कार्यकर्ता गीता सिंह और रीता पटेल ने बताया कि लंबे समय से इस मामले की अनदेखी की जा रही थी। बताया गया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जननी सुरक्षा योजना में प्रसव कराने वाली महिलाओं को 1400 रुपये और आशा कार्यकर्ताओं को 600 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
दुदही सीएचसी से जुड़े लाभार्थियों और आशाओं को करीब दो वर्षों से भुगतान नहीं मिला है। इसे लेकर कई बार प्रदर्शन भी हो चुका है। सोमवार को एक मरीज को प्रसव कक्ष ले जाने के दौरान आशाओं को कचरे और अलमारी में फेंके गए फॉर्म दिखे, जिसके बाद हंगामा खड़ा हो गया। चिकित्सक के हस्तक्षेप के बाद अलमारी खुलवाई गई, जिसमें वर्ष 2024-25 के 85 फॉर्म बरामद हुए। मामला उजागर होने के बाद संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। वहीं आरोप है कि कुछ कर्मी आशा कार्यकर्ताओं पर फॉर्म वापस करने का दबाव भी बना रहे हैं। जांच जारी है और रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। एसीएमओ डॉ. एसएन त्रिपाठी ने बताया कि मामला गंभीर है। इसकी की जा रही है। फार्म का ब्योरा मांगा गया है। नहीं देने पर जांच में जो दोषी मिलेगा। उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।