सुकरौली। नगर पंचायत सुकरौली के कई मोहल्लों के लोगों ने विकास कार्यों में मनमानी और धांधली का आरोप लगा कर सोमवार की सुबह नगर पंचायत कार्यालय में ताला लगाकर प्रदर्शन किया। मोहल्ले वालों के साथ सभासद भी मौजूद रहे। धरना दे रहे लोग एसडीएम को बुलाने पर अड़े थे। करीब तीन घंटे बाद पहुंचे नायब तहसीलदार ने जमीन पर बैठकर लोगों की समस्याओं को सुना। उन्होंने मतगणना का हवाला देकर एक सप्ताह का समय समस्याओं के समाधान के लिए मांगा। उसके बाद लोगों ने कार्यालय का ताला खोला और चले गए।
सुकरौली नगर पंचायत कार्यालय पर सोमवार की सुबह लोगों ने ताला बंद कर धरना प्रदर्शन शुरू किया। कुछ ही देर में भारी भीड़ इकट्ठा हो गई और नगर के कुल 15 सभासदों में 13 सभासद लोगों के साथ धरने पर बैठ गए। जटाशंकर यादव, चेतन यादव, सुनील पासवान, श्यामवेन्द्र, कमलेश, राममिलन, अवधराज, संजीव, गंगाधर, कृष्णमोहन,अर्जुन पटेल, वीरेंद्र यादव, दीपक सिंह, संतोष कुमार, दीनानाथ शर्मा आदि सभासदों ने नगर पंचायत अध्यक्ष, ईओ और लिपिक पर धांधली और अनियमितता का आरोप लगाया। कहा कि नगर में जल निकासी की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। ईओ का फोन नहीं उठती है। जरूरी काम के बावजूद सभासद से भी उनकी बातचीत नहीं हो पाती है। कोई समस्या अवगत कराने पर टाल देती हैं। नगर पंचायत कार्यालय पर लोगों को छोटी सी कार्य के लिए भी हफ्तों चक्कर लगाना पड़ता है।
सभासदों का आरोप है कि नगर के बाबू जन्म प्रमाण पत्र सहित कई कार्यों में लोगों से धन उगाही करते हैं।इसकी शिकायत करने के बावजूद भी जिम्मेदार इस ओर ध्यान नही देते हैं।नगर पंचायत सुकरौली के अध्यक्ष राजनेति कश्यप ने कहा कि सभासदों की ओर से लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद है। मुहल्लों में जो समस्याएं है उन्हें ठीक कराया जा रहा है। सभासदों के साथ बैठक कर मतभेद दूर कर विकास कार्य कराए जाएंगे।