बरसात बीतने के दो माह बाद भी शहर में नहीं मिली गड्ढों से निजात
- कॉलेज रोड, रेलवे स्टेशन, बेलवा चुंगी और बाईपास रोड की हालत ज्यादा खराब
- सड़क क्षतिग्रस्त होने से लगता है जाम, बनी रहती है दुर्घटना की आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। शहर की सभी प्रमुख सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इन्हीं रास्तों से लोगों को आना-जाना पड़ रहा है। इन सड़कों से होकर गुजरने वाले वाहनों से दिनभर में कई बार जाम लगने के अलावा लोगों को दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। इसके बावजूद इन सड़कों की मरम्मत के लिए जिम्मेदार उदासीन बने हुए हैं। हालांकि शहर की क्षतिग्रस्त सड़कों के किनारे बसे लोग कई बार सड़क मरम्मत की मांग कर चुके हैं, लेकिन हर बार जिम्मेदारों की तरफ से सड़क मरम्मत कराने की बजाए लोगों को आश्वासन ही मिलता है।
प्रदेश सरकार सड़क निर्माण के मद में हर वर्ष भारी भरकम धनराशि खर्च कर रही है। पुरानी सड़कों की मरम्मत के साथ नई सड़कें भी बनाई जा रही हैं, लेकिन पडरौना शहर के बेलवा चुंगी, कॉलेज रोड, रेलवे स्टेशन रोड, कठकुइयां रोड, अंबे चौक और बाईपास मार्ग समेत अन्य खस्ताहाल सड़कों पर किसी भी अधिकारी की नजर नहीं पड़ रही है। ये सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। सबसे खराब हालत तो पडरौना-तमकुही एनएच-730 से रेलवे क्रॉसिंग होकर अंबे चौक तक जाने वाले बाईपास मार्ग की है। इसका निर्माण करीब दस वर्ष पूर्व हुआ था। उसके बाद से इसकी कभी मरम्मत नहीं हुई। करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी इस सड़क में ओंकारवाटिका व भूतनाथ कॉलोनी के सामने बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। रेलवे क्रॉसिंग के अगल-बगल तो सड़क चलने लायक नहीं है। यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को वाहन पलटने का डर बना रहता है। इसलिए चालक इधर से भारी वाहन लेकर जाना नहीं चाहते हैं।
भूतनाथ कॉलोनी के सुनील मिश्र ने कहा कि बाईपास सड़क की हालत देखकर ऐसा लग रहा कि जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को इससे कोई मतलब नहीं है। इस सड़क से गुजरना दुर्घटना को निमंत्रण देने जैसा है।
आदर्श वर्मा ने कहा कि शहर की आबादी बढ़ने के साथ ही सड़कों पर दबाव भी बढ़ा है। इसे लेकर अधिकारी गंभीर नहीं हैं, बाईपास मार्ग समेत शहर की अन्य प्रमुख सड़कें ठीक होतीं तो शहर में कभी जाम नहीं लगता।
बृजेश शर्मा ने कहा कि बाईपास मार्ग, कॉलेज रोड, अंबे चौक और बेलवा चुंगी समेत अन्य सड़कों की मरम्मत के लिए शहर के लोग कई बार आंदोलन कर चुके हैं। अधिकारी मौके पर आते हैं और आश्वासन देकर चले जाते हैं।
कुंदन वर्मा ने कहा कि सदर विधायक प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। भ्रमण के दौरान बाईपास मार्ग से उनका भी आना-जाना होता है, सड़क की बदहाली पर उनकी भी नजर नहीं पड़ रही है।
इस संबंध में नगरपालिका परिषद के ईओ एएन सिंह ने कहा कि शहर की क्षतिग्रस्त सड़क की नए सिरे से मरम्मत के लिए शासन से धन की मांग की गई है। गड्ढों को भरने के लिए उनमें टुकड़े डाले जा रहे हैं। बाईपास रोड किनारे जलनिकासी के लिए नाले का निर्माण शुरू करा दिया गया है। शासन से धन मिलते ही क्षतिग्रस्त सड़कों को ठीक करा दिया जाएगा।