पडरौना। बरवापट्टी थाना क्षेत्र के कपरधिक्का गांव के श्रीरामजानकारी मंदिर के पुजारी फलाहारी बाबा की हत्या का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को जेल तो भेज दिया है, लेकिन पुलिस की यह कहानी गांव वालों के गले नहीं उतर रही है।
गांव वालों का कहना है कि राजकरन और मनोज शर्मा दोनों बाबा के भक्त थे। अधिकांश समय मंदिर पर समय बिताते थे। वे ऐसा नहीं कर सकते हैं। वहीं राजकरन की पत्नी पुलिस के खुलासे पर सवाल खड़ा करते हुए दोबारा जांच कराने की मांग की है। मंदिर पर छह पुलिसकर्मियों की तैनाती है। गांव में अभी भी फलाहारी बाबा की हत्या की चर्चा है। कपरधिक्का गांव निवासी राजकरन मोहतो और पश्चिमी चंपारण जिले के मनोज शर्मा को पुलिस ने राजकरन के बेटे नंदलाल की खुदकुशी के प्रतिशोध में हत्या करने का आरोप लगाते हुए बुधवार की शाम को जेल भेज दिया।
इसकी जानकारी होने पर गांव वाले दंग रह गए, लेकिन पुलिस की कहानी पर लोगों को विश्वास नहीं हो रहा है। बृहस्पतिवार को गांव में सन्नाटा था, लोग अपने दरवाजे पर बैठे थे, लेकिन फलाहारी बाबा की हत्या की चर्चा कम नहीं थी। सुबह से शाम तक जहां मंदिर पर गुलजार रहता था और लोगों का आना-जाना लगा रहता था। वहां पुलिसकर्मी बाहर दिखे और दो मंदिर के अंदर।
गांव वालों का कहना है कि घटना की रात ही पुलिस ने साक्ष्य मिटाने के लिए मंदिर कैंपस में पड़े खून के छींटे को धुलवा दिया और खून से सने कपड़े को उठा ले गई। गांव वालों को इसकी जानकारी तक नहीं दी। उसी समय से बरवापट्टी पुलिस की भूमिका संदिग्ध है।