गोलाघाट में माँकड्रिल के समय डूबते ग्रामिण को बचा कर एंबुलेंस में ले जाती फायर बिग्रेड की टीम व
तमकुहीरोड। आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से बृहस्पतिवार को गोलाघाट स्थित बांसी नदी में मॉक ड्रिल कर बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियां परखी गईं। आपदा मित्रों के साथ एसडीआरएफ, पुलिस, राजस्व, स्वास्थ्य, फायर ब्रिगेड समेत विभिन्न विभागों की टीमों ने हिस्सा लिया। अधिकारियों ने बाढ़ की स्थिति में सभी विभागों को सतर्क एवं समन्वित ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए।
मॉक ड्रिल के पहले चरण में नाव पलटने की काल्पनिक स्थिति बनाई गई। नाविक समेत दो लोग नदी में डूबते हुए दिखाए गए। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम मोटरबोट से मौके पर पहुंची। जवानों ने लाइफ जैकेट के साथ नदी में छलांग लगाकर डूब रहे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और किनारे लाकर प्राथमिक उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र भेजा। बाद में उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल रवाना किया गया।
दूसरे चरण में दो लोगों के नदी में डूबने की स्थिति दर्शाई गई। उन्हें बचाने के लिए पहुंची नाव भी बीच नदी में पलट गई, जिससे उसमें सवार लोग भी संकट में फंस गए। इस दौरान आपदा मित्रों ने तत्परता दिखाते हुए सभी को सुरक्षित बाहर निकालकर राहत एवं बचाव कार्य का प्रदर्शन किया।
तहसीलदार महेश कुमार ने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आपदा मित्रों के साथ सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को हमेशा सतर्क एवं तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपदा के समय त्वरित और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
मौके पर सेवरही के एसओ विनय कुमार सिंह, चौकी प्रभारी आकाश सिंह आदि मौजूद रहे।