पडरौना। कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से सतर्कता बढ़ा दी है। डब्ल्यूएचओ की टीम मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के साथ शनिवार को ऑक्सीजन प्लांट का निरीक्षण किया। वहीं स्टाॅक में रखे ऑक्सीजन सिलिंडर को भी देखा। इसके बाद प्राचार्य से मिलकर तैयारियों पर चर्चा की। तीन ऑक्सीजन प्लांट सक्रिय मिले।
देश में काेरोना की दस्तक देने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से तैयारी शुरू कर दी थी। मेडिकल कॉलेज में दो 500 एलपीएम और एक 250 एलपीएम का ऑक्सीजन प्लांट हैं, जबकि एमसीएच विंग भवन के पीछे कैंपस में कोरोना काल में लगा एक ऑक्सीजन प्लांट खराब पड़ा है। इसको ठीक कराने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से कई बार कंपनी को पत्र लिखा गया, लेकिन कोई इंजीनियर नहीं आया। दोपहर में डब्ल्यूएचओ की ओर से आई टीम मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर प्रदीप मिश्रा ऑक्सीजन प्लांट के इंचार्ज पुष्कर पाठक के साथ ऑक्सीजन सप्लाई की जानकारी ली।
तीनों ऑक्सीजन प्लांट चालू मिले। वहीं पुरानी बिल्डिंग के एक कमरे में रखे गए 100 से अधिक ऑक्सीजन सिलिंडर को भी देखा। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर ने बताया कि स्टाक में यह रखा गय गया है।