पडरौना। जिले के माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाओं की शिक्षा को रोजगार से जोड़ने के लिए प्रज्ञा क्लब का गठन किया जाएगा। इसमें छात्राओं की काउंसलिंग कर उन्हें उनकी रुचि के क्षेत्र में ही छठी कक्षा से ही विशेष निर्देशन की व्यवस्था की जाएगी, जिससे कि वे अपनी रुचि के विषय में आगे बढ़ सकें।
जिले में 22 राजकीय, 55 सहायता प्राप्त, 284 मान्यता प्राप्त समेत कुल 361 माध्यमिक विद्यालय संचालित होते हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद की तरफ से बेटियों को सशक्त बनाने के लिए प्रज्ञा अभियान लाया गया है। विद्यालयों में बालिकाओं की रुचि का आकलन कर उसी के अनुरूप उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक मार्गदर्शन उन्हें उपलब्ध कराया जाएगा। प्रज्ञा क्लब की गतिविधियों, बालिकाओं के उल्लेख में उपलब्धियां और उनकी साहित्यिक रचनात्मक विधाओं के प्रकाशन के लिए त्रैमासिक पत्रिका का भी प्रकाशन किया जाएगा। विभाग की तरफ से जिलास्तरीय समिति गठित की जाएगी। जिलास्तरीय समिति तीन महीने में बैठक करके प्रज्ञा क्लबों की गतिविधियों की समीक्षा करेगी और समय-समय पर उल्लेखनीय कार्य करने वाले क्लबों को पुरस्कृत किया जाएगा। उल्लेखनीय उपलब्धि अर्जित करने वाली बालिकाओं से जिलास्तरीय अधिकारियों की ओर से प्रत्येक माह संवाद किया जाएगा। योजना का सही तरीके से क्रियान्वयन होता है, तो छात्राओं को रोजगारपरक शिक्षा की तरफ आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। इस संबंध में जिला समन्वयक समग्र शिक्षा माध्यमिक विष्णुप्रभाकर पांडेय ने बताया कि जिले के माध्यमिक विद्यालयों में प्रज्ञा क्लब गठित करने के लिए शासन से पत्र मिला है। उसके अनुपालन करने के लिए जिले के सभी प्रधानाचार्यों को पत्र जारी कर दिया गया है।