पडरौना। सर्द हवा और कोहरे के बीच जिले की हवा खराब होने लगी है। एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 140 पर पहुंच गया है। धूल और गाड़ियों के धुएं से सांस के रोगियों की परेशानी बढ़ने लगी है।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन 30 से अधिक सांस के रोगी आ रहे हैं। बुधवार की सुबह कुशीनगर घने कोहरे की चपेट में रहा। दिन में कोहरा छटा, लेकिन बादल छाए रहे। ठंड के साथ सर्द हवाएं लोगों को कंपकंपाने को मजबूर करती रहीं। लोग बचने के लिए अलाव का सहारा लेते नजर आए।
सोमवार को सुबह चटख धूप खिली। इससे बीते एक जनवरी से ठंड से परेशान लोगों को राहत मिली, लेकिन मंगलवार को मौसम ने अचानक करवट बदली और सुबह कोहरे के साथ शीतलहर शुरू हो गई। रात करीब 11 बजे बूंदाबांदी भी हुई। इससे मंगलवार को अधिकतम तापमान गिरकर 19.1 और न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। बुधवार को अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कृषि विज्ञान केंद्र सरगटिया के मौसम विज्ञानी श्रुति वी सिंह ने बताया कि 12 जनवरी तक कोहरे के साथ बादल रहेंगे। उधर चल रही सर्द हवाओं के बीच जिले का एक्यूआई भी बढ़ जा रहा है। 100 से नीचे रहने वाला जिले का एक्यूआई शाम होने के साथ बढ़ता जा रहा है। पिछले चार-पांच दिनों से रात में एक्यूआई 165 तक पहुंच चुका है।
ऑक्सीजन की पड़ने लगी जरूरत : मेडिकल कॉलेज में 24 घंटे में इमरजेंसी और ओपीडी में मिलाकर 170 मरीज आए, जिन्हें ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी। बाकी मरीजों को दवा देने के बाद घर पर रहने और ठंड से बचाव की सलाह देकर डॉक्टरों ने दवा देकर छोड़ दिया। डॉक्टरों का कहना है कि हवा की गुणवत्ता खराब होने और कोहरा के कारण सांस के रोगियों की संख्या बढ़ गई है। मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी में ऐसे मरीज ज्यादा आ रहे हैं। गंभीर मरीजों को ही भर्ती किया जा रहा है। बाकी मरीजों को दवा देकर घर पर आराम करने और ठंड से बचाव के लिए सलाह दी जा रही है। धूप नहीं होने से और परेशानी बढ़ गई है। इसमें शुगर वाले मरीजों को घर में व्यायाम करने को कहा जा रहा है।