पडरौना। कोतवाली क्षेत्र के पशु तस्करों का गढ़ माने जाने वाले बसहिया बनबीरपुर गांव में आधी रात को एएसपी सिद्धार्थ वर्मा के नेतृत्व में पुलिस ने दबिश दी। गांव की चारों तरफ से घेराबंदी कर पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाया। ऑपरेशन में बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे। पूरा गांव छावनी में तब्दील रहा।
22 हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन किया गया। गांव छावनी बन गया था। इनमें 13 हिस्ट्रीशीटरों के दूसरे प्रांत या गैर जिले में होने की जानकारी मिली। गैंगस्टर एक्ट में वांछित इबरान अली उर्फ बरकल अली (एचएस नं. 279ए) के घर दबिश दी गई, लेकिन वह नहीं मिला। तीन हिस्ट्रीशीटर वर्तमान में जेल में बंद हैं।
कोतवाली क्षेत्र के बसहिया बनबीरपुर से पशु तस्करी का नेटवर्क संचालित होता है। इस गांव के रहने वाले पशु तस्करों का नेटवर्क पश्चिम से पूरब तक फैला है।
पुलिस का शिकंजा कसने के बाद अधिकतर तस्कर गांव छोड़कर रहने लगे हैं। पुलिस ने गो तस्करी में शामिल आरोपियों की चल-अचल संपत्तियों का सत्यापन भी किया। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि पशु तस्करी से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने तस्करों व उनके परिजनों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी ली। जो हिस्ट्रीशीटर गैर-जनपद अथवा गैर-राज्य में पाए गए हैं, उनके मोबाइल नंबर लिए गए और कर ‘फर्द अ’ काटने और संपत्ति का ब्योरा जुटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
इस टीम में एएसपी सिद्धार्थ वर्मा, सीओ सदर डॉ. अजय कुमार सिंह, सीओ कसया कुंदन कुमार सिंह, सीओ तमकुहीराज जयंत यादव व कोतवाल पडरौना के अलावा आठ से अधिक जिलों की पुलिस शामिल रही।
शनिवार की भोर में करीब पांच बजे पुलिस टीम पडरौना के सुभाष चौक पर पहुंची और ड्रोन उड़ाकर सुरक्षा का जायजा लिया। कार्रवाई के दौरान गांव से न तो कोई बाहर निकला और न ही कोई अंदर आया।