तमकुहीराज। डॉक्टर होने वाला दावा करने वाले अलाउद्दीन ने पुलिस की घेराबंदी के बाद सोमवार को गोरखपुर कोर्ट में सरेंडर किया। पुलिस की मानें तो उसकी अंतिम लोकेशन प्रयागराज में मिली थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए अलाउद्दीन ने मोबाइल इस्तेमाल करना बंद कर दिया था।
पुलिस की मानें तो अलाउद्दीन लगातार ठिकाना बदलने के कारण चकमा देता रहा। उसके सुरक्षित ठिकानों तक पुलिस के पहुंचने से पूर्व सूचना लीक हो जाती थी और वह ठिकाना बदल लेता। बीते कुछ दिन से बिहार के गोपालगंज, सिवान और तमकुहीराज के आसपास के इलाके रहता था, लेकिन पुलिस की सक्रियता की जानकारी के बाद लगातार ठिकाना बदलता रहा है। पुलिस की सर्विलांस सेल ने अंतिम बार अलाउद्दीन की लोकेशन प्रयागराज में ट्रेस की थी।
संभव है कि कानून की जानकारी रखने वाले लोगों से सलाह-मशवरे के बाद पुलिस को चकमा देते हुए सोमवार को गोरखपुर न्यायालय में उसने सरेंडर कर दिया।
जालसाज की सक्रियता बिहार के सीमावर्ती जिलों के अलावा लखनऊ, प्रयागराज, कसया व गोरखपुर के आसपास के इलाकों, नोयडा व दिल्ली रहीं है। अलाउद्दीन के गोरखपुर स्थित कोर्ट में सरेंडर करने के बाद गोरखपुर पुलिस उसे रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। यदि कोर्ट से रिमांड नहीं मिलता है तो जेल के अंदर ही पुलिस उससे पूछताछ करेगी और डॉक्टर की फर्जी डिग्री बनाकर बेचने की जानकारी लेगी। सूत्रों की मानें तो पुलिस अलाउद्दीन व उससे जुड़े लोगों की बैंक खातों की कुंडली खंगाल रही है। लेन-देन का ब्यौरा जुटाने के बाद अलाउद्दीन से जुड़े लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई में साक्ष्य के आधार पर शामिल करेगी।
गोरखपुर एएसपी अभिनव त्यागी ने बताया कि पुलिस सक्रिय हुई तो वह मोबाइल का इस्तेमाल करना बंद कर दिया था। इसके चलते गिरफ्तारी नहीं हो सकी।