फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kushinagar News: उधेड़बुन में खाकी...नेपाल में माैज कर रहे आरोपी

Wed, 22 Jan 2025 12:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
विज्ञापन
विज्ञापन
पडरौना। दुष्कर्म, पशु तस्करी, जाली नोट जैसे गंभीर मामलों में गैंगस्टर की कार्रवाई के बाद आरोपी घर छोड़कर फरार हैं। तफ्तीश में जुटी खाकी आरोपियों और इनके गुर्गों की लोकेशन कभी बिहार तो कभी नेपाल में देखकर उधेड़बुन में लगी है। उधर, अपराधी नेपाल में मजे की जिंदगी जी रहे हैं।
विज्ञापन

जिले के अपराधियों के लिए खुली और आसान सीमा होने के कारण नेपाल सुरक्षित ठौर बना हुआ है तो इंडो-नेपाल और बिहार के सीमावर्ती इलाकों को भी आरोपी महफूज मानते हैं। जटिल कानूनी प्रक्रिया और नजदीक होने के कारण नेपाल में शरण लेना अपराधियों के लिए आसान और पहली पसंद है। यही कारण है कि पुलिस लोकेशन मिलने के बाद भी धर-पकड़ के लिए दबिश का आश्वासन देकर मामले से इतिश्री कर लेती है।इन दिनों जिले के कई आरोपियों का लोकेशन पुलिस को नेपाल में मिल रही है।
कुशीनगर के बदमाश और इससे जुड़े गुर्गे खुद को सुरक्षित रखने के लिए नेपाल से अधिक महफूज ठौर कहीं और नहीं समझते हैं।जिले के छोटे- बड़े 12 से अधिक गैंगस्टर और हिस्ट्रीशीटर नेपाल में अपना डेरा जमा रखे है। इसके अतिरिक्त कुछ बिहार में रहकर सिंडिकेट को बल दे रहे हैं। इनकी लोकेशन पुलिस को मिलने के बाद भी दबिश देने के आश्वासन पर कार्रवाई सीमित है। सूत्रों की मानें तो इसके पीछे मुख्य कारण दोनों देशों के बीच कानूनी बाधा भी है, जिसके कारण भी जाली नोट प्रकरण, दुष्कर्म, तस्करी और अन्य मामलों में वांछित कुख्यात नेपाल में मजे की जिंदगी जी रहे हैं। पिछले दिनों सेवरही में एक बालिका से दुष्कर्म के आरोपी ने पहले तो थाने स्तर से धन-बल से मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया गया। जब मामला मैनेज नहीं हो सका तो वह फरार हो गया। अब पुलिस को उसकी लोकेशन नेपाल में मिली है।
विज्ञापन

इसके अलावा नेपाल में सक्रिय होकर जाली नोट प्रकरण को अंजाम देने वाले बड़े चेहरों की लोकेशन भी इंडो-नेपाल बाॅर्डर और बिहार के इलाकों में मिल रही है। पशु तस्करी में बसहिया में एसपी के स्थलीय सत्यापन के साथ तस्करी का सरगना रियाज ननकी सहित कई पर गैंगस्टर की कार्रवाई के साथ-साथ हिस्ट्रीशीट खोली थी। सूत्रों की मानें तो यह भी सीमावर्ती बिहार और पुलिस से बचने के लिए नेपाल में शरण ले लिए हैं। इन आरोपियों के अलावा भी 12 से अधिक अपराधियों की सक्रियता इन दिनों नेपाल में है।
जिले से नजदीक भी है नेपाल...पहुंचना आसान : नेपाल एक ऐसा देश हैं जहां भारत के लोगों के लिए जाना बेहद आसान है। जिले से पडरौना, नौरंगिया, पनियहवा होते हुए मदनपुर और फिर पश्चिम चंपारण के बगहा बाल्मीकिनगर होते हुए नेपाल में अपराधी दाखिल हो जाते हैं। खड्डा के रास्ते भी अपराधी सुविधा के अनुसार पहुंचते हैं। इसके अलावा खिरकियां, बांसी के रास्ते धनहां, रतवल के रास्ते भी लौरिया होते पहले पश्चिम चंपारण के बगहा और फिर नेपाल में दाखिल हुआ जा सकता है। भारत-नेपाल सीमा अपनी खुली और कम जांच के लिए जानी जाती है, जिससे बिना किसी सख्त जांच के व्यक्तियों की आवाजाही आसान हो जाती है। बगहा के रास्ते नेपाल में दाखिल होने पर गंडक बैराज पर जांच चौकी बनी हुई है, जहां सशस्त्र सीमा बल की 21वीं वाहिनी बगहा और नेपाल से सशस्त्र प्रहरी बल (एपीएफ) सक्रिय है। बावजूद जांच के नाम पर महज आधार कार्ड से प्रवेश दे दिया जाता है। वहां पहुंचने के बाद इन अपराधियों का गिरोह पहले से वहां शरणागत रहता है। यहां से यह योजना बनाते हैं और विभिन्न तरह की गतिविधियों को नेपाल में बैठकर अंजाम देते हैं। नेपाल और भारत के बीच कानूनी प्रक्रिया के तहत अपराधियों को नेपाल में जल्दी से जल्दी घुसकर पकड़े जाने से पुलिस बचती है या यूं कहे कि यह प्रक्रिया पेचीदा होता है, जिससे पुलिस प्रयास करती है कि दबाव बनाकर समर्पण करा दिया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें