हर्दी छपरा में पुलिस का तांडव, ग्रामीणों पर बरसाईं लाठियां
चार महिलाएं समेत 12 लोग घायल, पिटाई से गर्भपात का भी आरोप
दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए धरने पर बैठे ग्रामीण
जमीन विवाद की सूचना पर गुरुवार की रात पहुंची थी पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
रामकोला/लक्ष्मीगंज। खोटही के हर्दी छपरा टोले पर जमीन विवाद की सूचना पर गुरुवार की रात पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों पर लाठियां बरसाईं। इसमें चार महिलाओं समेत 12 लोग घायल हो गए। पुलिस की पिटाई से महिला का चार माह का गर्भपात होने का भी आरोप है। घायलों को सीएचसी रामकोला भेजा गया। पीड़ित परिजन और ग्रामीण पुलिस के खिलाफ कार्रवाई के लिए लेकर धरने पर बैठ गए।
यहां के सुरेश गुप्ता दलित बस्ती के बगल में मिट्टी गिराकर नया निर्माण करा रहे थे। दलित बस्ती के लोग उसका विरोध कर रहे थे। मामला खोटही पुलिस चौकी पर पहुंचा। पुलिस आई और विरोध करने वाले विंध्याचल को पकड़ कर चौकी पर ले गई। पिटाई के बाद शाम को छोड़ दिया। घर पहुंचकर विंध्याचल ने आपबीती बताई तो दलित बस्ती के लोग आक्रोशित हो गए। सुरेश गुप्ता के परिवार से कहासुनी होने लगी। इसकी सूचना मिलते ही छह-सात की संख्या में पुलिस कर्मी पहुंच गए और ग्रामीणों पर लाठियां बरसानी शुरू कर दी। आरोप है कि पुलिस की पिटाई से 30 वर्षीय बबिता का चार माह का गर्भपात हो गया। इसके अलावा गुड्डी देवी, छोटेलाल गुप्ता, भोला गुप्ता, शिव कुमार, अभिषेक, रूदल, तारा देवी, अवधेश, विंध्याचल, बलवंत, मिथिलेश, सचिन समेत 12 लोग घायल हो गए। पुलिस अवधेश और सुरेश गुप्ता को पकड़ कर थाने ले गई। शुक्रवार को उनका शांति भंग की आशंका में चालान कर दिया। सूचना के बाद प्रधान समेत बसपा के भी नेता जुट गए और पुलिस की कार्रवाई का विरोध करने लगे। पीड़ित विंध्याचल का आरोप है कि पहले पुलिस उसे पकड़ कर ले गई थी और खोटही चौकी में बंद कर बेवजह पिटाई की। घटना के विरोध में पुलिस के अत्याचार की शिकार बबिता देवी आदि अन्य ग्रामीणों के साथ पेड़ के नीचे धरने पर बैठ गए। ग्राम प्रधान के पति बीएन साहनी, ग्राम प्रधान पगार अनूप चौधरी, जिला पंचायत सदस्य अर्चना, भाकियू के जिलाध्यक्ष रामचंद्र सिंह, जिला पंचायत सदस्य अरुण सिंह पहुंच गए और पीड़ितों के प्रति संवेदना जताई। लोगों ने घटना की निंदा की और दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की।
एसपी ने सीओ को सौंपी मामले की जांच
रामकोला। क्षेत्र के खोटही के हर्दी छपरा में हुए पुलिसिया तांडव की जांच एसपी ने सीओ को सौंपी है। सीओ की रिपोर्ट मिलने के बाद दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। एसपी राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि चौकी पर तैैनात पुलिस कर्मी अमरनाथ और प्रभात तिवारी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया। एसओ को मामले की सतत निगरानी करने का निर्देश दिया है ताकि गांव में शांति बनी रहे।
सीएम के संज्ञान में लाएंगे मामला: विधायक
क्षेत्रीय विधायक रामानंद बौद्ध ने कहा कि दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीएम से शिकायत करेंगे। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली की निंदा की। ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए दोषी पुलिस कर्मियों पर सख्त कार्रवाई के लिए एसपी और अन्य उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाने की बात कही।
पीड़ितों ने एसओ को दिखाया जख्म और सुनाई पीड़ा
हर्दी छपरा टोले पर पहुंचे एसओ संजय कुमार मिश्र को पीड़ितों जख्म दिखाए और आपबीती सुनाई। छोटेलाल गुप्ता, बबिता देवी, बलवंत, शिवकुमार, रूदल, सचिन, भोला गुप्ता ने पुलिस के तांडव को बयां की तो एसओ भी भावुक हो गए। ग्रामीणों ने खोटही चौकी पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एसओ ने मामले को एसपी के संज्ञान में लाने और जांच कराकर दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया।
बख्शे नहीं जाएंगे दोषी पुलिस कर्मी: सांसद
सांसद विजय कुमार दूबे ने कहा कि खोटही पुलिस चौकी पर तैनात पुलिस कर्मियों का कृत्य उजागर हो गया है। पुलिस पीड़ितों की रक्षा के लिए है न ही मार पिटाई करने के लिए। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराएंगे। इस मामले में जो भी पुलिस कर्मी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई जरूर होगी।