पडरौना। शातिर अपराधियों और पशु तस्करों के खिलाफ कुशीनगर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। बृहस्पतिवार की दोपहर पटहेरवा थाना क्षेत्र के महुअवां कांटा कट से पिपरा कनक लिंक रोड पर पटहेरवा, सेवरही, तमकुहीराज, तरयासुजान और साइबर थाने की पुलिस ने घेराबंदी कर वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान वहां पहुंचे पिकअप सवार पशु तस्करों को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो तस्करों ने टीम पर फायर झोंक दिया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली दो तस्करों के पैर में लगी। इससे वह घायल हो गए। दोनों पिकअप की तलाशी लेने पर पुलिस ने आठ प्रतिबंधित पशुओं, दो अवैध तमंचा और 11 हजार नकदी बरामद किया। इस मामले में पुलिस ने पिकअप समेत प्रतिबंधित पशुओं को थाने भेजवा दिया।
एसपी संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि पुलिस टीम को यह सूचना मिली थी कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शातिर पशु तस्कर गैंग का सरगना गुफरान दो पिकअप से प्रतिबंधित पशुओं को लेकर एनएच-28 पर कसया की तरफ से बिहार गोपालगंज वध के लिए जाने वाला है। इस सूचना के बाद तत्काल पटहेरवा, सेवरही, तमकुहीराज, तरयासुजान व साइबर थाने की पुलिस टीम का गठन किया गया। संयुक्त पुलिस टीम की ओर से महुअवां कांटा कट से पिपरा कनक लिंक रोड के पास घेराबंदी कर वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। चेकिंग के दौरान दो पिकअप एक-दूसरे के पीछे आते दिखे। पुलिस टीम ने जब रोकने का प्रयास किया तो उसमें सवार व्यक्ति कुछ दूर पहले रुककर पुलिस टीम पर जान मारने की नियत से फायर कर दिया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस टीम की ओर से फायरिंग की गई। इस दौरान दोनों के पैर में गोली लगी और वे घायल हो गए। घायल तस्करों की पहचान नदीम निवासी ग्राम सुभाष नगर थाना मंडी जिला मुजफ्फरनगर व समीर अहमद निवासी ग्राम सरधना थाना सरधना जिला मेरठ के रूप में हुई है। एसपी ने बताया कि पकड़े गए तस्करों का एक संगठित गिरोह है, जो एनएच 28 के रास्ते प्रतिबंधित पशुओं को वाहनों में क्रूरतापूर्वक लादकर बिहार आदि राज्यों में ले जाकर वध कराने का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि दोनों के पास से दो पिकअप, आठ प्रतिबंधित पशु, दो अवैध तंमचा, कारतूस, चार खोखे, धारदार लोहे का बांका, ठिहा, रस्सी व 11 हजार रुपये बरामद किए गए हैं।
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मुठभेड़ स्थल पर जाने की नहीं थी किसी को इजाजत
महुअवां कांटा कट से पिपरा कनक लिंक रोड पर दोपहर के वक्त पुलिस ने मुठभेड़ में दो तस्करों को घायल कर गिरफ्तार कर लिया। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के गांवों के लोग कुछ देर के लिए सन्न रह गए। लोगों ने जानकारी जुटाने का प्रयास किया तो पता चला कि तस्करों से पुलिस की मुठभेड़ हुई। इसके बाद कुछ लोग मुठभेड़ स्थल की ओर निकल पड़े, लेकिन पुलिस की सख्ती के कारण मुठभेड़ स्थल पर किसी को भी जाने की इजाजत नहीं दी गई।