अफसरों की बैठक में आपदा निपटने की तैयारियों पर चर्चा
पडरौना। बरसात के दिनों में आने वाली आपदा से जनपद स्तर पर निपटने एवं बचाव व राहत कार्य पर चर्चा हुई। कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में सीडीओ ने विभागों को तैयारियां पूरी रखने का निर्देश दिया।
जिला आपदा विशेषज्ञ रवि प्रताप राय ने कहा कि कुशीनगर जिला बाढ़ के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। साथ ही भूकंप की दृष्टि से भी जोन चार में स्थित होने के कारण सभी विभागों को अपने स्तर से राहत एवं बचाव कार्य की योजना तैयार करनी होगी। जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण के उपायों एवं सहायता राशि की जानकारी भी दी गई। आपदा विशेषज्ञ ने कहा कि गंडक नदी मुख्यत: खड्डा, पडरौना व तमकुहीराज तहसील क्षेत्र को प्रभावित करती है। इस नदी का ढलान वाल्मीकि नगर बैराज से पथराव तक 57 सेंटीमीटर व छितौनी में 29 सेंटीमीटर है जबकि प्रदेश में बहने वाली अन्य नदियों का ढलान 10 से 15 सेंटीमीटर प्रति किलोमीटर है। इसीलिए गंडक नदी प्रदेश की सबसे खतरनाक नदी मानी जाती है। आपदा विशेषज्ञ ने बाढ़ के दृष्टिगत नियंत्रण कक्ष की क्रियाशीलता, गोताखोरों की सूची बनाने, आपदा में फंसे लोगों को एअर लिफ्ट करने के लिए हेलीपैड की स्थापना के लिए जगह चिह्नित करने आदि का सुझाव दिया।
बैठक में सीडीओ आनंद कुमार, डीपीआरओ राघवेंद्र द्विवेदी, एक्सईएन बाढ़ खंड भरत राम समेत कई अफसर मौजूद रहे।