फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अंतरराष्ट्रीय उड़ान से कुशीनगर में तीन गुना बढ़ जाएंगे पर्यटक, टूरिस्ट गाइड की बढ़ेगी पूछ, होटल उद्योग को लगेंगे पंख

विज्ञापन
कुशीनगर एयरपोर्ट स्थित टर्मिनल बिल्डिंग। - फोटो : KUSHINAGAR
विज्ञापन
अंतरराष्ट्रीय उड़ान से कुशीनगर में तीन गुना बढ़ जाएंगे पर्यटक, टूरिस्ट गाइड की बढ़ेगी पूछ, होटल उद्योग को लगेंगे पंख
विज्ञापन

कसया(कुशीनगर)। अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का दर्जा मिलने के बाद कुशीनगर से जल्द उड़ान शुरू होने की उम्मीद जग गई है। बौद्ध अनुयायियों के लिए आस्था के केंद्र से सीधी उड़ान सेवा शुरू होने पर यहां पर्यटन के साथ रोजगार में तेजी की संभावना जताई जा रही है। पर्यटन विभाग का मानना है कि पर्यटकों की संख्या में तीन से चार गुना की वृद्धि होगी।
भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली में प्रमुख रूप से श्रीलंका, वर्मा, नेपाल, चीन, जापान, वियतनाम, कोरिया, थाईलैंड, ताईवान, इंडोनेशिया, सिंगापुर आदि देशों के पर्यटक आते हैं। इसके अलावा अमेरिका व रूस के भी सैलानी आते हैं। विदेशी पर्यटकों के अलावा काफी तादाद में बिहार, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, आसाम और त्रिपुरा के सैलानी भी आते हैं। अभी केवल सड़क मार्ग से जुड़े कुशीनगर में आने के लिए विदेशी पर्यटकों को दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई आदि बड़े शहरों से होकर आना पड़ता है। बौद्ध पर्यटक वाराणसी को केंद्र बनाकर भारत भ्रमण करते हैं। अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट चालू हो जाने के बाद अब कुशीनगर ही केंद्र बनेगा।
विज्ञापन

पर्यटन सूचना अधिकारी प्राण रंजन ने बताया कि गत वर्ष यहां विदेशी पर्यटकों की संख्या 89693 थी। घरेलू सैलानियों की तादाद करीब 10 लाख रही। अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट होने का प्रभाव विदेशी पर्यटकों के साथ भारतीय पर्यटकों पर भी पड़ेगा। पर्यटन विभाग को पर्यटकों की संख्या तीन से चार गुना बढ़ जाने की उम्मीद है। इससे स्थानीय स्तर पर व्यवसाय के साथ रोजगार और सरकारी राजस्व भी बढ़ेगा।
टूरिज्म आधारित अर्थव्यवस्था होगी मजबूत : गाइड डॉ. अभय राय
कुशीनगर में अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के आरंभ होने से सभी क्षेत्रों में विकास के साथ ही मुख्यत: टूरिज्म आधारित अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में वृद्धि होना तय है। यहां आने वाले विदेशी पर्यटकों के समूह को रिसीव करने के लिए अधिकृत टूर गाइड के रूप में हमें दिल्ली, काठमांडू, भैरहवां, वाराणसी, लखनऊ या गया इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स जाना पड़ता था। किंतु अब इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी। बड़ी संख्या में विदेशी अतिथि अपनी यात्रा कुशीनगर से ही आरंभ या अंत करना चाहते हैं, उन्हें सहूलियत मिलेगी। यहां अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट होना बड़ी उपलब्धि है।
सीधे आगमन का मिलेगा लाभ: मर्यादा कुमारी
विपस्सना एंड कैफे टूरिंग, फूडिंग विद मेनी मोर की संचालक मर्यादा कुमारी के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा चालू होने से पर्यटक सीधे कुशीनगर आने लगेंगे। परिणामस्वरूप वाहनों की अधिकाधिक संख्या की जरूरत पड़ेगी, जिससे वाहन व्यवसाय को बड़ी कामयाबी मिलनी तय है।
बड़े होटलों को मिलेगा बड़ा फायदा
होटल लोटस के प्रबंधक राजेंद्र मोहन गुप्ता का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से उड़ान शुरू होते ही बोधगया, बनारस व गोरखपुर का लाभ कुशीनगर को मिलेगा। सीधी उड़ान से बुद्धिस्ट सर्किट के अलावा अन्य देशों के भी पर्यटक आएंगे। इसका लाभ होटल उद्योग को होगा। आय में दो से तीन गुना वृद्धि होगी। स्थानीय रेस्टोरेंट व छोटे-छोटे होटलों का व्यवसाय भी बढ़ेगा।
कुशीनगर के दूरगामी विकास की राह खुली: रजनीकांत
कसया। अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से इलाके के दूरगामी विकास की राह खुल गई है। प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री ने यूपी के अंतिम छोर पर नजर डालकर विकास की नई इबारत लिखी है।
ये बातें कुशीनगर के विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी ने बृहस्पतिवार को अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में कही। विधायक ने कहा कि जनपद की किसी परियोजना का केंद्रीय पटल पर आने के बड़े मायने होते हैं। एयरपोर्ट को इस मुकाम तक पहुंचाने में क्षेत्र के अधिवक्ता, व्यापारी, छात्र, बौद्ध भिक्षु, शिक्षक, मीडिया व चिकित्सा जगत का योगदान भुलाया नहीं जा सकता। विधायक ने कहा कि इस एयरपोर्ट से केवल कुशीनगर ही नहीं बल्कि पूर्वांचल व पश्चिम बिहार के विकास की राह खुलेगी। बौद्ध व खाड़ी देशों से आवागमन आसान होगा।
यूपीए के प्रोजेक्ट को सरकार ने दी मंजूरी: आरपीएन
पडरौना। कसया हवाई अड्डे को इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा मिलने पर पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने इसे यूपीए के छह साल पुराने प्रोजेक्ट को मंजूरी दिए जाने की बात कही है।
पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री आरपीएन सिंह ने खुशी जताते हुए कहा है कि यूपीए सरकार के प्रोजेक्ट को केंद्रीय कैबिनेट ने छह साल बाद मंजूरी दे दी है। सरकार की उदासीनता के चलते यह प्रस्ताव पिछले छह वर्षों से ठंडे बस्ते में था। अब सरकार हमारी योजना का श्रेय लेने का प्रयास कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि कुशीनगर के लोग इस विलंबित परियोजना से लाभान्वित होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में बॉटलिंग प्लांट, सीआरपीएफ कैंप सहित कई प्रकार के प्रयास किए गए थे, लेकिन सरकार चली गई और यह परियोजनाएं परवान नहीं चढ़ सकीं। कांग्रेस के कार्यकाल में ही कप्तानगंज-थावे रेलमार्ग का आमान परिवर्तन हुआ था, लेकिन भाजपा की सरकार में इस रूट पर लंबी दूरी एवं एक्सप्रेस ट्रेनों को बढ़ावा देने का कोई प्रयास नहीं हुआ।
विज्ञापन

कुशीनगर में विकास को मिलेगी गति : सांसद
पडरौना। देवरिया के सांसद डॉ. रमापति राम त्रिपाठी ने कहा कि इससे कुशीनगर में विकास को गति मिलेगी। बौद्ध पर्यटकों के अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तरी बिहार के रहने वालों के लिए विश्व में नई पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे के स्थानांतरण की झूठी अफवाह और भ्रामक प्रचार करने वाले सियासी दलों के नेताओं को इस ऐतिहासिक फैसले से मायूसी मिली है, जबकि पूर्वांचल सहित उत्तर बिहार के दर्जनों जिलों के लोगों के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के संयुक्त प्रयास ने विकास के रास्ते खोल दिए हैं। उन्होंने बताया कि यह बड़ा फैसला है, जो लोगों को रोजगार के अवसर दिलाने में भी सहायक सिद्ध होगा। भाजपा के क्षेत्रीय मंत्री अजय तिवारी, धनंजय तिवारी, राकेश यादव, अंजनी तिवारी, रविंद्र गुप्ता, रामजी कसेरा, आशीष वर्मा, मारकंडेय वर्मा, डॉ. बाबूलाल प्रसाद, मोती जायसवाल ने इसके लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल के प्रति आभार जताया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें