खड्डा। भैंसहा घाट के गंडक नदी पर लगा पीपा पुल इस साल मात्र 22 घंटे ही चला। अब नदी में पानी बढ़ने और बरसात को देखते हुए इसे हटाने का कार्य शुरू हो गया है। इस पर साढ़े चार लाख रुपये खर्च किए गए थे। नदी में पीपा का पुल देर से लगाया गया था। जिस दिन पुल लगा उसके अगले दिन चक्रवात आ गया और पुल का एप्रोच उड़ गया।
इसके चलते इस साल पीपा पुल का लाभ लोगों को नहीं मिल सका। नदी में पीपा पुल लगाने और हटाने में लोक निर्माण विभाग के लाखों रुपये खर्च हो गए।कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग की ओर से जनवरी की जगह मई माह में भैंसहा घाट पर पीपा का पुल लगाकर 15 मई की शाम को इसे चालू किया गया, लेकिन 16 मई को आए चक्रवात में पुल एप्रोच उड़ गया। इसके चलते इस पर आवागमन ठप हो गया।
करीब 22 घंटे ही पुल पर आवागमन हो सका। तमाम कोशिशों के बाद भी दोबारा पुल पर आवागमन शुरू नहीं हो सका। कभी भी नदी में जलस्तर बढने से पीपा पुल व सामग्री बह सकता है। तथा समय अवधि भी अब समाप्त हो गया है। अब इसे हटाने का कार्य शुरू हो गया है, आधा हिस्सा हटाया जा चुका है। समय से पुल संचालित नहीं होने से लोग काफी निराश थे। वर्ष 2020 के मार्च महीने में खड्डा व महराजगंज के निचलौल विकास खंड के गंडक नदी पार बसे लगभग 50 हजार लोगों सहित एक लाख लोगों को राहत देते हुए पीपा पुल के रूप में जनता को सौगात दी गई थी। दोनों तरफ बसे लोगों को कुछ माह नदी पार करने की सहूलियत मिली, लेकिन किसी भी वर्ष इसका पूरा लाभ नहीं मिल सका। कभी नदी की धारा के उलट फेर तो कभी विभागीय शिथिलता के चलते समय से पुल नहीं लग पाया।