उप डाकघर के कर्मचारियों की मनमानी से लोग परेशान
- अवधि पूरी होने के बाद भी खाताधारकों का नहीं हो रहा भुगतान
संवाद न्यूज एजेंसी
हाटा /कुशीगनर। नगर के उप डाकघर में कर्मचारियों की मनमानी से लोग परेशान हैं। सरकार जन सरोकार से जुड़ी योजनाओं को डाक विभाग के माध्यम से संचालित करती है, लेकिन इसका समुचित लाभ खाताधारकों को नहीं मिल पा रहा है। बचत खाता हो या बचत पत्र, भुगतान का समय पूरा होने के बाद भी ग्राहकों को महीनों भुगतान के लिए दौड़ना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि जब तक कोई बिचौलिया नहीं पकड़ा जाता, तब तक उनका कार्य नहीं हो पाता है।
हाटा उप डाक घर में राष्ट्रीय बचत पत्र, बचत खाता, रेल टिकट सहित कई योजनाएं संचालित होती हैं। सरकार का भी जोर डाकघर को बैंक के रूप में संचालित करने और लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। इसके बाद भी यहां के उप डाक घर का काउंटर कर्मचारियों की मर्जी से खुलता है। कर्मचारियों से जब कोई काउंटर बंद होने और काम नहीं होने की शिकायत करता है, तो इंटरनेट खराब होने अथवा सर्वर नहीं चलने का बहाना बना देते हैं। सूचना के लिए न तो कोई बोर्ड लगा है और न ही किसी जिम्मेदार अधिकारी का नंबर ही प्रदर्शित किया गया है, जिससे कोई शिकायत दर्ज करा सके। उप डाकघर जहां स्थित है, वहां पार्किंग की सुविधा नहीं होने से भी लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
मुजहना हेतिम के रहने वाले अखिलेश सिंह बताते हैं कि उनके एनएससी के भुगतान का समय पूरा हो गया है, लेकिन करीब दो माह से दौड़ाया जा रहा है। कभी वरिष्ठ लिपिक नहीं रहते हैं, तो कभी इंटरनेट नहीं चलता है। परेशान हम जैसे लोग हो रहे हैं।
बरवा छत्तरदास के शरीफ अंसारी ने बताया कि छह सौ रुपये प्रति माह की आरडी चला रहे थे। पांच वर्ष पूरा हो गया। दो माह से उसके भुगतान के लिए उप डाकघर आ रहे हैं। कोई सुनने वाला नहीं है, जबकि कुछ लोगों का भुगतान हो रहा है।
देवरिया के रहने वाले सुनील उपाध्याय ने बताया कि उनकी सास ने एक लाख रुपये की एनएससी ली थी। जो वर्ष 2018 में पूरी हो गई थी। भुगतान से पहले उनकी मृत्यु हो गई। बाद में उनके एक पुत्र ने मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज जमा कर दिए। उच्चाधिकारियों ने भुगतान के लिए आदेश भी कर दिया, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। बाघनाथ के रहने वाले जयश्री ने बताया कि वह मजदूरी करते हैं। बारह सौ रुपये महीने की आरडी खोले थे। पांच वर्ष जमा करने के बाद वह पूरा हो गया। तीन माह से अधिक समय से रोज भुगतान के लिए आते हैं। इस काउंटर से उस काउंटर पर दौड़ाया जाता है। समझ में नहीं आ रहा है क्या करें।
बीएसएनएल लाइन न होने से वीसेट से चलाना पड़ता है इंटरनेट
हाटा उप डाकघर में तैनात कर्मचारियों ने बताया कि यह हाईवे के इस पार होने के कारण बीएसएनएल की लाइन नहीं है। इससे छतरी के माध्यम से इंटरनेट चलाना पड़ता है, जो काफी धीरे चलता है। इससे कार्य प्रभावित होते हैं।
सब पोस्टमास्टर बोले-
हाटा उप डाकघर में एक सब पोस्टमास्टर सहित चार लोगों की तैनाती है, जबकि यहां काम का भार अधिक है। इसलिए काफी दिक्कत होती है। अभी सब पोस्टमास्टर छुट्टी पर हैं तो तीन लोगों को ही काम करना पड़ रहा है। लैंडलाइन इंटरनेट नहीं होने से समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
-बीएम विश्वकर्मा, प्रभारी सब पोस्टमास्टर, हाटा उप डाकघर