कुशीनगर। एपी बांध पर पानी के दबाव और रिसाव से उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों की चिंता बढ़ गई है। बृहस्पतिवार की आधी रात दानचक टोला के पास दोनों प्रांतों के लोग आमने-सामने आ गए। पुलिस की मौजूदगी में शुक्रवार को भी बांध पर तनाव जारी रहा।
कुशीनगर के अहिरौलीदान गांव के लोग बाढ़ के पानी से परेशान हैं। वहीं, बिहार के गोपालगंज जिले के लोगों को बांध टूटने पर 20 से अधिक गांवों में पानी घुसने का खतरा है। बिहार पुलिस ने बंधे पर बड़े वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी है। उन्होंने धंसे हुए बंधे के पास एक चौकी भी स्थापित की है। बांध का करीब चार फीट हिस्सा पानी के दबाव से कट गया है। बिहार प्रशासन ने रिसाव वाले हिस्से पर मिट्टी डालकर बांध मजबूत करने का प्रयास किया। अहिरौलीदान के ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि बांध कुशीनगर जिले में है। पहले उनके गांवों से बाढ़ का पानी निकाला जाना चाहिए।
रात करीब एक बजे बिहार से लोग मिट्टी की बोरियां लेकर बांध पर पहुंचे। अहिरौलीदान के ग्रामीण भी मौके पर आ गए, जिससे दोनों पक्षों में कहासुनी हुई। स्थिति तनावपूर्ण होने पर ग्रामीणों ने बिहार से आए लोगों को जाने के लिए कहा। बाद में मिट्टी की बोरियों को मठिया श्रीराम गांव के सामने रखवाया गया। बिहार पुलिस के 50 से अधिक जवान, कुशीनगर पुलिस और पीएसी तैनात है, जिससे आधी रात को बड़ा विवाद बच गया।
अहिरौलीदान चौराहे के पास फाटक खुलने से गांवों का बाढ़ का पानी नदी में निकल रहा है। इससे अहिरौलीदान समेत आसपास के गांवों को कुछ राहत मिली है। हालांकि, बांध पर रिसाव के कारण उनकी चिंता अभी कम नहीं हुई है। बाढ़ प्रभावित ग्रामीण रात में भी बांध पर रतजगा कर रहे हैं। बिहार के गोपालगंज के ग्रामीणों को आशंका है कि बांध टूटने पर 20 से अधिक गांव प्रभावित होंगे, इसलिए बिहार प्रशासन कमजोर हिस्से को मिट्टी से भरकर मजबूत कर रहा है।
विसंभरपुर के थानाध्यक्ष मुकेंद्र कुमार का कहना है कि अहिरौलीदान गांव में पानी तीन दिन से भरा है। इस गांव के लोग एपी बांध को काटना चाहते हैं, ताकि इनके गांव से पानी निकल जाए, बांध काटने से गोपालगंज जिले के बीस से अधिक गांवों में पानी भर जाएगा और तबाही मच जाएगी। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर बांध की निगरानी की जा रही है। बांध पर लोग मिट्टी की बोरियां तक नहीं रखने दे रहे हैं। आधी रात को बिहार के लोग मिट्टी की बोरियां लाए थे लेकिन अहिरौलदान के लोग मारपीट पर आमादा हो गए और मिट्टी की बोरियां उठा ले गए। उच्चाधिकारियों को समय-समय पर स्थिति से अवगत कराया जा रहा है। ,
बाढ़ खंड के जेई अमर श्रीवास्तव ने बताया कि पानी का दबाव बढ़ने से बांध में रिसाव शुरू हुआ है। गौरहा गांव के पास एपी बांध टूटने और अहिरौलीदान-तमकुहीराज मार्ग कट जाने से यही बांध लोगों के लिए मुख्य मार्ग हो गया है। राहत बचाव का सामान लेकर मालवाहन भी इसी बांध से आए-गए हैं इसलिए बंधे से रिसाव शुरू हुआ है। इसे ठीक कराने के लिए बोल्डर मंगाया गया है। पानी का दबाव अहिरौलदान के पास फाटक खोलने से कम हो रहा है।
कोट
बिहार के लोग माहौल खराब कर रहे हैं। सिंचाई विभाग को बांध का रिसाव ठीक कराने के लिए कहा गया है। आधी रात को लोग मिट्टी लेकर आए थे इसलिए गांव वालों ने विरोध किया था। मौके पर पीएसी कैंप कर रही है। स्थानीय पुलिस को भी सक्रिय कर दिया गया है। पानी के अधिक दबाव से बांध धंसा है। -जयंत कुमार, सीओ तमकुहीराज
कुशीनगर : अहिरौलीदान-सलेहपुर बांध क्षतिग्रस्त होने और रिसाव की सूचना पर जुटी भीड़ व मौजूद पुलिस
कुशीनगर : अहिरौलीदान-सलेहपुर बांध क्षतिग्रस्त होने और रिसाव की सूचना पर जुटी भीड़ व मौजूद पुलिस